शाम 5 बजे तक असम: 84.4% केरल: 75.0% पुडुचेरी: 86.9% में, कौन मारेगा बाज़ी सस्पेंस बरकरार

गुरूवार को असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव का मतदान
तीन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों — असम, केरल और पुडुचेरी — में एक साथ विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म हो चुका है. 722 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है. तीन राज्यों में हुए इन चुनावों की शुरूआत को 2026 के चुनावी सीजन की शुरुआत कहा जा सकता है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला. चुनाव के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। मतदान केन्द्रों पर भारी संख्या में वोट डालने के लिए लोग पहुंच रहे थे. अब तक के मतदान आंकड़े के अनुसार मतदान में अच्छी भागीदारी देखी जा रही है। फिलहाल अबतक के अपडेट के मुताबिक आंकड़े इस प्रकार हैं.
5 PM तक वोट प्रतिशत:
असम: 84.4%
केरल: 75.0%
पुडुचेरी: 86.9%
पिछले चुनावों से तुलना (2021):
असम: कुल मतदान ~82% से ज्यादा रहा था (लगभग 2.49 करोड़ मतदाता)
केरल: ~74.06% (करीब 2.71 करोड़ मतदाता — पुरुष 1.32 करोड़+, महिला 1.39 करोड़+)
पुडुचेरी: ~82-83% (करीब 10 लाख+ मतदाता)
आज सुबह 9 AM तक शुरुआती आंकड़े भी मजबूत थे — असम में ~17-18%, केरल में ~16.23%, पुडुचेरी में ~17%। 11 AM तक असम में 38.92%, केरल में 33.28% और पुडुचेरी में 37.06% पहुंच चुका था। दोपहर में गर्मी के बावजूद मतदान की रफ्तार बनी रही। मुख्य मुकाबला असम (126 सीटें): BJP-led NDA तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। CM हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता और योजनाओं पर फोकस, हालांकि कांग्रेस भी ज़मीनी स्तर पर भरसक प्रयास कर रही और उसे उम्मीद है कि जनता जरूरी मुद्दों पर वोट करेगी.
वहीं केरल (140 सीटें): CM पिनारयी विजयन की अगुवाई वाला LDF तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है। UDF और BJP भी मजबूत चुनौती दे रहे हैं।
पुडुचेरी (30 सीटें): त्रिकोणीय मुकाबला — NDA, Congress-DMK और Vijay की Tamilaga Vettri Kazhagam के बीच।
कुल मिलाकर 5.3 करोड़ से ज्यादा मतदाता इन 296 सीटों पर अपना फैसला दे रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मतदान शांतिपूर्ण बताया जा रहा है।यह चुनाव भारत की राजनीति के लिए काफी अहम हैं क्योंकि ये तीनों जगहों पर सत्ता बदलाव या स्थिरता का संकेत दे सकते हैं।