डेडलाइन खत्म होते ही सैन्य कार्रवाई के संकेत, ईरान ने ठुकराया युद्धविराम

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट का दिन-ब-दिन बदलता घटनाक्रम दुनिया के तमाम देशों को चिंता में डाले हुए है. ईरान-इज़रायल-अमेरिका के बीच शुरू हुए टकराव की तपिश दुनिया के शक्तिशाली देशों के साथ विकासशील देशों को भी झुलसा रही है. इस पूरे घटनाक्रम से वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जुड़े सवाल गहराते जा रहे हैं. वहीं यूएन की मौजूदगी महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह नज़र आ रही है. हालिया खबरों ने मिडिल ईस्ट देशों में हड़कंप मचा दिया है जिसमें ट्रंप ने ईरान को जल्द से जल्द शर्तें नहीं मानने पर खत्म करने का अल्टीमेटम दे दिया है, वो भी डेडलाइन के साथ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस के माध्यम से ये बातें कहीं इस पीसी में अमेरिकी ज्वाइंट चीफ़्स ऑफ चेयरमैन जनरल डॉन केन और रक्षा मंत्री पीट हेसेथ भी शामिल रहे.
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अगर ईरान उनकी दी गई डेडलाइन से पहले अमेरिका से डील करने में नाकाम रहता है तो वो उसके लिए मंगलवार की रात ही डेडलाइन हो सकती है. ट्रंप की डील में ईरान को होर्मुज खोलने की बात शामिल है इस दौरान अगर वह समझौता नहीं करते और होर्मुज नहीं खोलते हैं तो पूरे देश को एक रात में तबाह किया जा सकता है। इस दौरान ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।
ट्रंप की ये डेड लाइन वॉशिंगटन डीसी के समययानुसार मंगलवार रात 8 बजे वहीं भारत के मुताबिक बुधवार सुबह 5.30 मिनट पर खत्म होने की बात कही गई. आपको बता दें कि होर्मुज से दुनियाभर के तेल सप्लाई का बीस फ़ीसदी हिस्सा एक्सपोर्ट होता है. पिछले सप्ताह ही अमेरिकी सुरक्षा बलों ने दक्षिणी ईरान में मार गिराए गए एक एफ़-15 लड़ाकू विमान के दो क्रू सदस्यों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया था. ईरान ने 5 अमेरिकी जहाजों को मार गिराने का दावा किया था.
ट्रंप की धमकी पर ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के अस्थाई युद्धविराम को वह मानने के लिए तैयार नहीं है. उसने संघर्ष के स्थाई अंत की मांग की है. ईरान ने अपनी आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए में प्रकाशित अपने प्रस्ताव में तीन मांगों को रखा है. उसकी पहली मांग ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की है, दूसरी मांग होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में सहयोग की है और उसकी तीसरी मांग हमलों में क्षतिग्रस्त ईरान के नागरिक ढांचों के पुनर्निर्माण में सहयोग की है. ईरान की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के बाद सामने आई है.
युवाओं का ईरान को अनोखा प्रस्ताव
ट्रंप की ईरान को दी गई धमकी के बाद ईरान के मंत्री अलीरेजा रहीमी ने एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में रहीमी ने कहा, “कई विश्वविद्यालय के युवाओं, युवा कलाकारों और युवा संगठनों ने प्रस्ताव दिया कि हम देश के बिजली संयंत्रों के चारों ओर एक मानव घेरा या मानव श्रृंखला बनाएं।” उन्होंने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि देश भर के युवाओं की भागीदारी से बिजली संयंत्रों के चारों ओर यह मानव श्रृंखला बनेगी, और यह देश के बुनियादी ढांचे की रक्षा करने और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए युवाओं की प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा।”
गौरतलब है कि ट्रंप ने ईरान को धमकी दी कि उनके पास मंगलवार तक का समय है, इस दौरान अगर वह समझौता नहीं करते और होर्मुज नहीं खोलते हैं तो पूरे देश को एक रात में तबाह किया जा सकता है। इस दौरान ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि वे ईरान को पहले ही पर्याप्त समय दे चुके हैं। हर बार पीछे हटने का रास्ता ढूंढ लिया। लेकिन इस बार उन्होंने अपने वादे को पूरा करने की स्पष्ट योजना बताई।