
उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में पढ़ी-लिखी बेटियां सड़कों पर घिसटती नज़र आईं। इन्हे कोई और नहीं बल्कि प्रदेश की मित्र पुलिस ही घसीट रही थी। प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं का कुसूर था बढ़ती महंगाई के बीच अपने वेतन को बढ़ाने की गुहार लगाना। दरअसल सीएम हेल्पलाइन में कार्यरत 200 से ज्यादा महिला कर्मचारी अचानक मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर बढ़ने लगीं। पुलिस ने इन महिलाओं को रोकने के लिए संगीत नाटक अकादमी के ठीक सामने बैरिकेटिंग लगा दिए लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं नहीं रूकीं। महिलाएं लगातार आगे बढ़ रही थीं और 1076 हाय-हाय के नारे लगा रही थीं। महिलाओं को रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शनकारी महिला कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें मात्र सात हज़ार रूपए वेतन मिल रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच उनका जीवन-यापन मुश्किल हो रहा है, इसलिए वेतन सात हज़ार से बढ़ाकर 15 हज़ार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही महिला कर्मचारियों ने हेल्पलाइन में उनका शोषण किये जाने का भी आरोप लगाया। अब सवाल ये उठता है कि हेल्पलाइन में काम कर रही इन महिलाओं की हेल्प भला कैसे होगी? और इस प्रदर्शन के बाद क्या इस हेल्पलाइन की छवि पर असर पड़ेगा?
यूपी सीएम हेल्पलाइन क्या है?
आईजीआरएस यानी इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम 24X7 काम करने वाले एक कॉल सेटंर के रूप में स्थापित किया गया है जहां पीड़ित ऑन लाइन, फ़ोन और विभिन्न सरकारी संदर्भों के ज़रिए अपनी शिकायत दर्ज़ करा सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए पुलिस संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अपने सुझाव भी साझा किये जा सकते हैं। इस सिस्टम के ज़रिए प्राप्त शिकायतों को ब्लॉक, जिला और तहसील स्तर तक के अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान और पुलिस आयुक्त तक भेजा जाता है। प्राप्त शिकायतों को डिजिटली ट्रैक कर उनका निस्तारण तय समयसीमा के भीतर किया जाता है। शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने पर शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी जाती है। हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से लोग घर बैठे ही सेवाओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं या अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इसके तहत आप सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं, सेवाओं की स्थिति जान सकते हैं साथ ही नागरिक सहायता और मार्ग दर्शन भी प्राप्त कर सकते हैं।