भ्रष्टाचार बनाम पक्षपात, कौन किस पर पड़ेगा भारी, घुसपैठिया मुद्दा कर पाएगा कमाल?

कोलकाता, 10 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार में तेजी आ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 20 मार्च को अपना 10 सूत्री ‘प्रतिज्ञा’ घोषणा-पत्र जारी किया था, जबकि भाजपा ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कोलकाता में 15 सूत्री ‘संकल्प पत्र’ लॉन्च किया। दोनों दलों ने महिलाओं और युवाओं को आर्थिक सहायता का वादा किया है, लेकिन दृष्टिकोण अलग-अलग हैं।
टीएमसी के प्रमुख वादे (10 प्रतिज्ञा – 20 मार्च 2026):
लक्ष्मीर भंडार योजना में वृद्धि: महिलाओं को ₹1,500 (सामान्य) और ₹1,700 (SC/ST) प्रतिमाह
बंगालर युवा साथी: बेरोजगार युवाओं (21-40 वर्ष) को ₹1,500 प्रतिमाह
कृषि क्षेत्र के लिए ₹30,000 करोड़ का विशेष बजट
हर परिवार को पक्का मकान
हर घर में पाइप्ड पीने का पानी
स्वास्थ्य सेवाएँ घर-घर तक, ब्लॉक स्तर पर मेडिकल चेक-अप कैंप
7 नए जिले बनाने और 25 शहरों को मॉडल सिटी बनाने का लक्ष्य
शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का विकास
बीजेपी के प्रमुख वादे (संकल्प पत्र – आज जारी):
हर महिला को ₹3,000 प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में (1 से 5 तारीख)
बेरोजगार युवाओं को ₹3,000 प्रतिमाह ‘युवा साथी’ योजना के तहत
सरकारी कर्मचारियों का DA बकाया 45 दिनों में चुकाना
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 45 दिनों में लागू
सत्ता में आने के 6 महीने के अंदर Uniform Civil Code (UCC) लागू
घुसपैठ पर ‘डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट’ नीति और जीरो टॉलरेंस
बालू-कोयला-खनन माफिया पर सख्त कार्रवाई
5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजन
सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण
आमने-सामने के हमले:
अमित शाह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए TMC के 15 साल के शासन को “डर का राज, भ्रष्टाचार और अराजकता” करार दिया। उन्होंने कहा कि TMC ने सिंडिकेट राज, कट-मनी और घुसपैठियों को संरक्षण दिया है। शाह ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनते ही बंगाल को “भय मुक्त” और “सोनार बांग्ला” बनाया जाएगा।दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल के दिनों में चुनाव आयोग (EC) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और मतदाता सूची संशोधन (SIR) के मुद्दे पर EC को पक्षपात का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि BJP चुनाव आयोग के माध्यम से “साजिश” रच रही है, वोटरों के नाम काट रही है और बंगाल में अशांति फैलाकर राष्ट्रपति शासन लगाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने EC से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।
चुनावी कार्यक्रम:
294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में होगा – 23 अप्रैल और 29 अप्रैल। मतगणना 4 मई को प्रस्तावित है।