28 मार्च को हुए जानलेवा हमले के बाद कोमा में चले गए महेन्द्र, दर-दर भटक रहे पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं

चंदौली। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हरिशंकरपुर गांव में 28 मार्च को हुए जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। आरोप है कि घटना के दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस विवेचना एफआईआर दर्ज करने से आगे नहीं बढ़ सकी है, जिससे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, हरिशंकरपुर निवासी महेंद्र प्रसाद पर 28 मार्च को जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल होने के कारण वह कोमा में चले गए थे। उस समय पीड़ित की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटने के बाद महेंद्र प्रसाद ने कथित आरोपियों के नाम पुलिस को बता दिए थे। इसके बावजूद अब तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही विवेचना में कोई ठोस प्रगति दिखाई दे रही है। परिवार का आरोप है कि लगातार थाना और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहेगी।
इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार को कब तक न्याय दिला पाता है और मामले की विवेचना को आगे बढ़ाकर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।