ठेके, बार और बड़े मांसाहारी होटल नगर निगम सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की मांग, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट: प्रवेश सिंह, ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के नेताओं और प्रबुद्ध नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन सौंपकर शहर के भीतर संचालित शराब के ठेकों, बार और बड़े मांसाहारी होटलों को नगर निगम सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि स्वच्छता और व्यवस्था के नाम पर छोटे मांस विक्रेताओं को शहर से बाहर किया जा रहा है, तो बड़े होटल और अन्य प्रतिष्ठान भी उसी नीति के दायरे में आने चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सपा नेता जीशान अंसारी ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की नीति तब तक अधूरी है, जब तक शराब के ठेकों और बारों को भी शहर से बाहर नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के बीच स्थित ऐसे प्रतिष्ठान सामाजिक और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देते हैं।
सपा नेता शुभम सेठ ‘गोलू’ ने कहा कि छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई और बड़े मांसाहारी होटलों को राहत देना दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि सभी मांसाहारी होटल और रेस्टोरेंटों को भी एक निर्धारित क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए, ताकि सभी के लिए समान व्यवस्था लागू हो सके।
सपा नेता शिवेंद्र राय ने कहा कि शहर के बीचों-बीच स्थित शराब के ठेकों और बारों के कारण महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित होती है। वहीं अधिवक्ता आलोक सौरभ और अभिषेक झा ने प्रशासन से नीतियों में निष्पक्षता बरतने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी कार्रवाई में आर्थिक और सामाजिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक आनंद यादव ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार करेगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता अमरेंद्र पांडेय, पुनीत मौर्य, अमित कुमार ‘विक्की’, राज श्रीवास्तव, कैफ अहमद, रितेश गुप्ता, धीरू चौबे, सोनू सोनकर, फरहान सिद्दीकी, आरिफ खान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित