8 और 9 जून को हुई बैठकों में गर्मजोशी देखी गई, अभिषेक बनर्जी-राहुल गांधी के बीच 10 जनपथ पर करीब 90 मिनट तक चली बातचीत

नई दिल्ली, 10 जून 2026: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कांग्रेस में विलय की चर्चाएं इन दिनों जोरों पर हैं। सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी इस प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार दिख रही हैं, लेकिन उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं। हालिया बैठक में उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समक्ष ये शर्तें रखीं।सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के साथ हुई डेढ़ घंटे की बैठक में ममता बनर्जी को राज्यसभा सदस्य भेजने और वहां नेता विपक्ष का पद देने की मांग की। कांग्रेस की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सोनिया गांधी का ऑफर
कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी को फोन कर टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव दिया था। सूत्र बताते हैं कि सोनिया गांधी ने ममता को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने और अभिषेक बनर्जी को महासचिव का पद देने का ऑफर दिया। ममता बनर्जी ने फैसला लेने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था।
बीते दो दिनों में ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से दो बार मुलाकात की। 8 और 9 जून को 10 जनपथ पर हुई इन बैठकों में गर्मजोशी देखी गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले भी लगाया। इसके बाद 10 जून को अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी के बीच 10 जनपथ पर करीब 90 मिनट तक बैठक हुई।
टीएमसी का इतिहास और कांग्रेस से अलगाव
तृणमूल कांग्रेस की स्थापना 1 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी ने की थी। ममता बनर्जी लंबे समय तक कांग्रेस की नेता रहीं, लेकिन पश्चिम बंगाल में वामपंथी सरकार के खिलाफ संघर्ष और कांग्रेस नेतृत्व से मतभेद के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी। टीएमसी ने कांग्रेस से अलग होकर पश्चिम बंगाल में अपनी अलग पहचान बनाई।
2009 में टीएमसी ने यूपीए (कांग्रेस गठबंधन) का साथ दिया और 2011 में वामपंथी सरकार को हराकर ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं। 2016 और 2021 में टीएमसी ने बड़ी जीत हासिल की, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बड़ा झटका लगा। इसके बाद पार्टी में विद्रोह शुरू हुआ, कई विधायक और सांसद अलग हो गए, जिससे ममता बनर्जी की स्थिति कमजोर हुई।
अब INTERNAL संकट और BJP के दबाव के बीच टीएमसी और कांग्रेस के बीच फिर से करीबी बढ़ रही है। INDIA गठबंधन में दोनों पार्टियां पहले से सहयोगी हैं। विलय की अटकलें इसी संकट और विपक्षी एकता की कोशिशों से जुड़ी हैं।
TMC ने खारिज किया विलय का प्रस्ताव
हालांकि टीएमसी ने विलय की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बैठकें INDIA ब्लॉक की रणनीति और 2029 चुनावों के लिए गठबंधन मजबूत करने पर केंद्रित थीं। कांग्रेस ने भी स्पष्ट किया है कि विलय प्रस्ताव टीएमसी की ओर से आना चाहिए, वे खुद दबाव नहीं बना रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विलय होता है तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। ममता बनर्जी की कांग्रेस वापसी उनके करियर का नया अध्याय साबित हो सकती है, लेकिन दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेतृत्व में असंतोष की आशंका भी है।
वर्तमान में ये अटकलें ही हैं और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।