केरल में भारी बारिश: भूस्खलन और बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें, कई जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरल में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इडुक्की और कोट्टायम जिलों में भूस्खलन की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में बाढ़, जलभराव और सड़क बंद होने से हालात गंभीर बने हुए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है और बचाव एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इडुक्की और कोट्टायम में भूस्खलन से 4 लोगों की मौत
केरल में भारी बारिश के कारण इडुक्की और कोट्टायम जिलों में कई जगह भूस्खलन हुआ। इडुक्की के अडूरमाला क्षेत्र में भूस्खलन का मलबा एक घर पर गिर गया, जिसमें सुमति नामक महिला की मौत हो गई। उनके पति और बेटे को पड़ोसियों ने बचा लिया, हालांकि दोनों घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं।
एनडीआरएफ, फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों ने तलाशी अभियान चलाकर महिला का शव बरामद किया।
कोट्टायम और वागामोन में भी हादसे, कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका
कोट्टायम जिले के पूंजार क्षेत्र में भूस्खलन के दौरान जोसेफ नामक युवक की मौत हो गई। उसकी मां के मलबे में दबे होने की आशंका है और तलाश अभियान जारी है। युवक को बचाकर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।

वहीं, इडुक्की के वागामोन इलाके में एक घर पर भूस्खलन होने से प्रभाकरन नायर की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार वह अपने रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। कई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनका शव बरामद किया गया।
केरल में भारी बारिश से बाढ़, सड़कें बंद और यातायात प्रभावित
केरल में भारी बारिश के चलते कई नदियां उफान पर हैं। पुल्लाकयार नदी के जलस्तर बढ़ने से कोक्कयार का निचला क्रॉसिंग जलमग्न हो गया। आसपास के करीब छह घरों में पानी भर गया, जिसके बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
कट्टाप्पना-वझावारा सड़क भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। वंडीपेरियार में राष्ट्रीय राजमार्ग-183 पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नेल्लीमाला क्षेत्र में भी सड़क बंद होने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
कोट्टायम जिले के एराट्टुपेट्टा, कांजिरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलभराव दर्ज किया गया। कई रिहायशी इलाके पानी में डूब गए हैं और बचाव अभियान लगातार जारी है।
कई जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज
एराट्टुपेट्टा में रातभर जलस्तर बढ़ने से नादक्कल और मुरिक्कोली समेत कई घर जलमग्न हो गए। स्थानीय लोगों और राहतकर्मियों ने ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
मणिमाला और पुल्लाकयार नदियों के उफान पर आने से कूट्टिकल और मुंडक्कयम कॉजवे डूब गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पत्तनमथिट्टा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में भी भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि पंपा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है।
रानी और आसपास के कटे हुए इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन ने नावें तैनात की हैं और राहत शिविर स्थापित किए हैं। कोल्लम, कोझिकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ जिलों से भी बाढ़ और छोटे भूस्खलनों की खबरें मिली हैं।

8 जिलों में रेड अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर
मौसम विभाग ने केरल में भारी बारिश को देखते हुए पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। लगातार बारिश को देखते हुए कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है और राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
ताजा स्थिति और प्रशासन की तैयारी
राज्य के विभिन्न हिस्सों में राहत कार्य जारी हैं। प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है। बचाव एजेंसियां संभावित भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
निर्देशों का पालन करने की अपील
केरल में भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। भूस्खलन और बाढ़ के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है। (Amar Bharti)
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