लखीसराय अशोकधाम मंदिर भगदड़: 27 श्रद्धालु घायल हुए, जिनमें 26 महिलाएं और एक पुरुष शामिल

डिजिटल डेस्क, लखीसराय। सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम में भगदड़ के बाद बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल समेत निजी क्लीनिकों में इलाज के लिए पहुंचाया गया, जहां अपनों को तलाशते परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
लखीसराय अशोकधाम मंदिर भगदड़ के बाद अस्पताल में मचा कोहराम
अशोकधाम मंदिर में भगदड़ के बाद मृत महिला श्रद्धालुओं के शव एक-एक कर लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचने लगे। शवों को देखते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। कोई अपनी पत्नी की तलाश कर रहा था तो कोई मां, बेटी या बहन को ढूंढता नजर आया।
अस्पताल परिसर में एक साथ कई परिवारों के पहुंचने से स्थिति बेहद भावुक हो गई। चारों तरफ रोने और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। अपने परिजनों की जानकारी लेने के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। घायलों को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में स्वजन और परिचित अस्पताल पहुंचे, जिससे परिसर में भीड़ बढ़ गई।
शव पहुंचते ही दहाड़ मारकर रोने लगे परिजन
अशोकधाम मंदिर से मृत महिला श्रद्धालुओं के शव सदर अस्पताल पहुंचने के बाद कई परिवारों में मातम पसर गया। अपनों के शव देखते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। कई स्वजन बार-बार अपने प्रियजनों को पुकारते रहे।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले तक जो परिवार सावन की सोमवारी पर पूजा-अर्चना के लिए निकले थे, उनके स्वजन अब अस्पताल में शव की पहचान करने के लिए मजबूर थे।

27 श्रद्धालु घायल, 26 महिलाएं और एक पुरुष शामिल
लखीसराय अशोकधाम मंदिर भगदड़ में कुल 27 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी दी गई है। इनमें 26 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। सदर अस्पताल में 25 महिला श्रद्धालुओं को भर्ती कराया गया। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।
सदर अस्पताल में 22 महिला श्रद्धालुओं का इलाज चल रहा है। रेफर की गई तीन गंभीर रूप से घायल महिलाओं का स्थानीय निजी क्लीनिक में इलाज कराया जा रहा है। घायल एक पुरुष श्रद्धालु का भी इलाज कराया गया।
अस्पताल में मौजूद रहे अधिकारी, इलाज की व्यवस्था की निगरानी
अशोकधाम मंदिर के घायलों को समुचित इलाज उपलब्ध कराने और अस्पताल की व्यवस्था की निगरानी के लिए जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार और सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह समेत अन्य अधिकारी सदर अस्पताल में मौजूद रहे।
अधिकारियों ने घायलों के इलाज की जानकारी ली और चिकित्सकों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सदर अस्पताल में इलाजरत घायल श्रद्धालु
मूल कंटेंट के अनुसार सदर अस्पताल में इलाजरत 22 महिला श्रद्धालुओं के नाम और पते इस प्रकार हैं:
- रेणु देवी (39 वर्ष), पति अवधेश सिंह, बकावा, पटना
- रागिनी कुमारी (21 वर्ष), पिता अवधेश सिंह, वकावां, पटना
- मोनी कुमारी (18 वर्ष), पिता सोहन मंडल, धर्मरायचक, लखीसराय
- मोनी कुमारी (17 वर्ष), पिता मनीष मंडल, धर्मरायचक, लखीसराय
- मुस्कान कुमारी (18 वर्ष), पिता ललन राम, भोला टोला, लखीसराय
- कुमकुम देवी (50 वर्ष), पति सुबोध राम, नयाटोला, लखीसराय
- शिवानी कुमारी (15 वर्ष), पिता राजेश राम, खुटहाडीह, बड़हिया, लखीसराय
- अनिता देवी (26 वर्ष), पति श्रवण राम, खुटहाडीह, बड़हिया, लखीसराय
- गुंजन कुमारी (12 वर्ष), पिता राजाराम सहनी, बालगुदर, लखीसराय
- तनु कुमारी (23 वर्ष), पिता राजाराम सहनी, बालगुदर, लखीसराय
- कमली देवी (50 वर्ष), पति कारू सहनी, बालगुदर, लखीसराय
- गायत्री देवी (55 वर्ष), पति कौशल सहनी, बालगुदर, लखीसराय
- ममता देवी (25 वर्ष), पति धारो यादव, चननियां, सूर्यगढ़ा, लखीसराय
- रामपरी देवी (50 वर्ष), पति पप्पू यादव, मुरवड़िया, पिपरिया, लखीसराय
- खुशी कुमारी (15 वर्ष), पिता बबलू चंद्रवंशी, बाइपास, लखीसराय
- संध्या (16 वर्ष), पिता सकलदेव राम, बाइपास, लखीसराय
- लूटो देवी (55 वर्ष), पति तेतर साव, कोर्ट एरिया, लखीसराय
- टुपटुप (16 वर्ष), पिता शिवनंदन राम, पचना रोड, लखीसराय
- पिंकी कुमारी (16 वर्ष), पिता पंकज साव, नवाबगंज, सूर्यगढ़ा, लखीसराय
- अमेरिकी देवी (65 वर्ष), पति राजाराम, फरदा, सफियाबाद, मुंगेर
- क्रांति देवी (65 वर्ष), पति मकुन चौधरी, फरदा, सफियासराय, मुंगेर
- मौसम कुमारी (21 वर्ष), पिता ललन साव, गढ़ लक्ष्मीपुर, लखीसराय
निजी क्लीनिक में इलाजरत घायल
मूल कंटेंट के अनुसार निजी क्लीनिक में अशोकधाम मंदिर के इलाजरत घायलों में विमला कुमारी (40 वर्ष), सविता देवी (40 वर्ष), रीना देवी (40 वर्ष), साक्षी कुमारी (21 वर्ष) और सुशांत कुमार (18 वर्ष) शामिल हैं।
इनमें विमला कुमारी मोकामा, पटना; सविता देवी वकावां, पटना; रीना देवी बभनगावां, लखीसराय; जबकि साक्षी कुमारी और सुशांत कुमार रसूलपुर, शेखपुरा के रहने वाले बताए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये
लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में हुई भगदड़ पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लखीसराय के अशोकधाम हाल्ट पर हुई दुर्घटना में मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जताईं।
उन्होंने घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए। साथ ही दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
सरकार ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
प्रदेश बीजेपी प्रमुख संजय सरावगी ने कहा कि सरकार ने अशोकधाम मंदिर हादसे के उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि घायलों को उचित इलाज मिले और वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उनके मुताबिक, अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है तो सरकार उचित कार्रवाई करेगी।
बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी हादसे को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैंने सीएम से बात की है। अगर कोई लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
घटनास्थल के लिए रवाना हुए मंत्री विजय सिन्हा
मंत्री विजय सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे राहत शिविर चलाने वाले कार्यकर्ताओं से उनकी बात हुई थी और उस समय स्थिति सामान्य थी तथा माहौल उत्साहजनक था।
उन्होंने कहा कि घटना अशोकधाम मंदिर परिसर के बाहर हुई है। सरकार की ओर से राहत व्यवस्था चलाए जाने की बात भी उन्होंने कही।
हादसे के बाद राहत और जांच पर नजर
लखीसराय अशोकधाम मंदिर भगदड़ के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की है। वहीं, सरकार की ओर से उच्च स्तरीय जांच के आदेश की बात कही गई है। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना है कि हादसे के पीछे क्या परिस्थितियां रहीं और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। (Amar Bharti)
एक नज़र इन पर भी डालें