Sugar Price: आयात और जमाखोरी पर सख्ती के बाद ₹55 किलो हुआ रेट, क्या यही था समाधान?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में चीनी की कीमतों (Sugar Price) में अचानक आई तेजी के बाद केंद्र सरकार के कदमों का असर दिखने लगा है। दिए गए कंटेंट के मुताबिक, चीनी की एक्स-मिल कीमत ₹67 प्रति किलो से घटकर ₹55 प्रति किलो हो गई है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने आने वाले दिनों में कीमतों में और कमी की उम्मीद जताई है।
चीनी की कीमतों में अचानक क्यों आया उछाल?
पिछले करीब 15 दिनों में चीनी बाजार में तेज बढ़ोतरी (Sugar Price) देखने को मिली। एक्स-मिल कीमत बढ़कर ₹67 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा के मुताबिक, इस तेजी की मुख्य वजह चीनी मिलों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी थी।

एक्स-मिल प्राइस वह कीमत होती है जिस पर चीनी मिल थोक व्यापारी को चीनी बेचती है। इस कीमत में बदलाव का असर आगे थोक और खुदरा बाजार पर भी पड़ सकता है।
सरकार ने चीनी की कीमतों पर काबू पाने के लिए लिए 2 फैसले
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने बाजार में आपूर्ति बनाए रखने के लिए दो अहम कदम उठाए। पहला, सरकार ने चीनी के आयात को मंजूरी दी, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने का रास्ता खुला।
दूसरा, सरकार ने चीनी की सट्टेबाजी और अवैध स्टॉक यानी जमाखोरी पर सख्ती बढ़ाई। इसका उद्देश्य बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करके कीमत बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाना था।
₹67 से घटकर ₹55 प्रति किलो हुई एक्स-मिल कीमत
सरकार के इन कदमों के बाद चीनी की एक्स-मिल कीमत में गिरावट दर्ज की गई। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, कीमत ₹67 प्रति किलो से घटकर ₹55 प्रति किलो हो गई है। (Sugar Price)
इस गिरावट के बाद अब खुदरा बाजार में भी चीनी की कीमतों पर असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि खुदरा बाजार में कीमत कितनी और कब घटेगी, यह स्थानीय बाजार और सप्लाई की स्थिति पर निर्भर करेगा।
खाद्य सचिव ने और गिरावट की जताई उम्मीद
जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में चीनी की दरों में और कमी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, सप्लाई चेन सामान्य होने और आयातित चीनी की उपलब्धता बढ़ने के बाद एक्स-मिल कीमतों में और गिरावट की संभावना है।
चीनी की एक्स-मिल कीमत में कमी का असर थोक बाजार के जरिए खुदरा बाजार तक पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं को भी चीनी की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।

कब-कब बढ़े चीनी के दाम?
20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच चीनी की कीमतों में करीब 15.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान औसत खुदरा चीनी की कीमत ₹48.18 प्रति किलो से बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो पहुंच गई। वहीं, एक्स-मिल कीमत भी रिकॉर्ड स्तर पर ₹67 प्रति किलो तक पहुंच गई थी। बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने चीनी के आयात को
मंजूरी देने के साथ स्टॉक लिमिट लागू की और जमाखोरी व सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई की। सरकारी कदमों के बाद एक्स-मिल कीमत घटकर करीब ₹55 प्रति किलो पर आ गई है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों में कितनी स्थिरता आती है और इसका असर खुदरा बाजार पर कितना पड़ता है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
चीनी की कीमतों में कमी का सबसे सीधा असर खुदरा बाजार पर पड़ सकता है। अगर एक्स-मिल कीमतों में गिरावट बनी रहती है और इसका लाभ थोक बाजार तक पहुंचता है, तो किराना दुकानों पर भी चीनी की कीमत कम हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक्स-मिल कीमत ₹55 प्रति किलो तक आ गई है और खाद्य सचिव ने आगे भी गिरावट की उम्मीद जताई है। हालांकि उपभोक्ताओं को मिलने वाली वास्तविक कीमत का आकलन खुदरा बाजार में बदलाव के बाद ही किया जा सकेगा।
आगे चीनी के दाम पर रहेगी नजर
चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के बाद सरकार के फैसलों ने बाजार में सप्लाई और कीमतों को लेकर तस्वीर बदलने की कोशिश की है। आयात की मंजूरी और जमाखोरी पर सख्ती के बाद एक्स-मिल कीमत में गिरावट सामने आई है। अब नजर इस बात पर होगी कि यह गिरावट आने वाले दिनों में कितनी टिकती है और खुदरा बाजार तक इसका कितना फायदा पहुंचता है। (Amar Bharti)
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