कुणाल घोष पर हमले के आरोपों पर अभिषेक बनर्जी का BJP पर निशाना

बेलियाघाटा से विधायक कुणाल घोष पर 18 घंटे से भी कम समय में दूसरी बार हमला

कुणाल घोष पर हमला मामले में अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया
कुणाल घोष पर हमले के आरोपों को लेकर अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा।

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर कथित हमले को लेकर पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पाला बदलने से इनकार करने के कारण निशाना बनाया गया। अभिषेक बनर्जी ने राज्यपाल आरएन रवि से मामले में हस्तक्षेप करने और पुलिस अधिकारियों से बात करने की अपील की है।

कुणाल घोष पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया

टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेलियाघाटा से विधायक कुणाल घोष पर 18 घंटे से भी कम समय में दूसरी बार हमला हुआ है।

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हथियारबंद लोगों ने एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को निशाना बनाया और कथित तौर पर इसलिए परेशान किया क्योंकि उन्होंने पाला बदलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सुरक्षा और स्थिति ऐसी है, तो इससे पूरे पश्चिम बंगाल में आम नागरिकों की स्थिति को लेकर सवाल उठता है।

उन्होंने कहा कि हिंसा और डराने-धमकाने का यह सिलसिला रुकना चाहिए और मामले में आरोपियों की पहचान कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

राज्यपाल आरएन रवि से हस्तक्षेप की अपील

अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने राज्यपाल से पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर से बात करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि मामले में हर आरोपी की पहचान की जानी चाहिए और उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए। अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक हिंसा और डराने-धमकाने को लेकर भी सवाल उठाए।

उनका कहना था कि अगर बीजेपी मानती है कि उसने पश्चिम बंगाल में जनता के जनादेश के जरिए जीत हासिल की है, तो पाला बदलने से इनकार करने वाले लोगों के खिलाफ डराने-धमकाने और इस तरह की रणनीति का सहारा क्यों लिया जा रहा है।

शनिवार को कार पर पत्थर और अंडे फेंकने का आरोप

इससे पहले शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सैरामपुर में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की बैठक में शामिल होने जा रहे टीएमसी विधायक कुणाल घोष की कार पर कथित तौर पर पत्थर और अंडे फेंके गए थे।

पार्टी नेता के मुताबिक, उत्तरपाड़ा इलाके में काले झंडे लेकर पहुंचे लोगों के एक समूह ने कुणाल घोष की गाड़ी को घेर लिया और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर अंडे और पत्थर फेंके, जिससे कार का पिछला शीशा टूट गया।

कुणाल घोष ने इस घटना को ‘जंगल राज’ बताते हुए कहा था कि उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। उन्होंने मौके पर पुलिसकर्मियों के मौजूद नहीं होने का भी आरोप लगाया था।

पुलिस से मदद नहीं मिलने का भी लगाया आरोप

घटना के बाद कुणाल घोष शिकायत दर्ज कराने के लिए कोलकाता पुलिस मुख्यालय लाल बाजार या भवानी भवन जाने की बात कहते हुए भवानी भवन पहुंचे थे। हालांकि, उनका आरोप था कि उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

कुणाल घोष ने कहा था कि वह पुलिस अधिकारी से बात करना और अपनी कार की स्थिति दिखाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पुलिस से मदद नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अलीपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।

कुणाल घोष पर हमले के आरोपों पर सियासी बयानबाजी

कुणाल घोष पर हमले के आरोपों के बाद मामला राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है। अभिषेक बनर्जी ने इसे निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सुरक्षा और राजनीतिक हिंसा से जोड़ते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता शांति, सुरक्षा और कानून का राज चाहती है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

कुणाल घोष पर हमले के बाद सियासत गरम

कुणाल घोष पर हमले के आरोपों को लेकर अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर डराने-धमकाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्यपाल आरएन रवि से हस्तक्षेप की अपील करते हुए आरोपियों की पहचान और कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इससे पहले शनिवार को कुणाल घोष की कार पर पत्थर और अंडे फेंके जाने का मामला भी सामने आया था, जिस पर उन्होंने पुलिस से मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया था। (Amar Bharti)

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