देशभर में भीषण गर्मी का कहर: कई शहरों में पारा 45°C पार, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

दिल्ली-NCR में आज हल्की बारिश, तापमान 42 से 45°C के बीच, अकोल में पारा चढ़कर 46°C पहुंचा

आज का मौसम (29 अप्रैल 2026)

नई दिल्ली – आज भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी क्षेत्रों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ जैसे इलाकों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। कई शहरों में दिन का तापमान 43-46 डिग्री तक पहुंच रहा है, जबकि रातें भी गर्म रह रही हैं, जिससे राहत नहीं मिल पा रही है। भारत वर्तमान में दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 95-98 शहरों का घर बना हुआ है। IMD ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में आज भी हीटवेव की चेतावनी जारी की है, हालांकि कुछ जगहों पर हल्की बारिश या धूल भरी आंधी की संभावना है। दक्षिणी राज्यों में भी गर्म और आर्द्र मौसम बना हुआ है।

आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति

IMD के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन उसके बाद तापमान में 2-5 डिग्री की गिरावट संभव है। मई के पहले सप्ताह में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और विदर्भ में ऊंचे तापमान बने रहने की संभावना है, हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में अगले एक सप्ताह भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। अप्रैल-जून 2026 के मौसम पूर्वानुमान में कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हीटवेव दिनों और गर्म रातों की भविष्यवाणी की गई है। कुल मिलाकर, गर्मी का प्रकोप मई में और बढ़ सकता है, लेकिन कुछ जगहों पर राहत भी मिलने की उम्मीद है।

मौसम में बदलाव की वजहें

इस साल गर्मी जल्दी और तेज आई है। मुख्य वजहों में कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, कम बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां शामिल हैं, जिससे प्राकृतिक ठंडक नहीं मिल पा रही है। पिछले एल-नीño के अवशेष भी गर्मी बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट तेजी से काम कर रहा है, जहां कंक्रीट की इमारतें, कम पेड़ और वाहनों-उद्योगों की गर्मी शहरों को और गर्म बना रही है। जंगलों की कटाई, वेटलैंड्स का नुकसान और हरित क्षेत्रों में कमी ने प्राकृतिक बफर को कमजोर कर दिया है। इन सबके कारण अप्रैल में ही तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री ऊपर पहुंच रहा है।

ग्लोबल वॉर्मिंग का प्रभाव

ग्लोबल वॉर्मिंग इस बढ़ती गर्मी का सबसे बड़ा कारण है। मानव गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ने के कारण वैश्विक तापमान में वृद्धि हो रही है, जिससे भारत में हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ गई है। IPCC रिपोर्ट्स के अनुसार, 1950 के बाद से मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन ने चरम मौसम घटनाओं को बढ़ावा दिया है। भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में यह प्रभाव और गंभीर है, क्योंकि गर्मी अब मानव survivability की सीमा के करीब पहुंच रही है। गर्म रातें, लंबी हीटवेव और पहले आने वाली गर्मी इस बदलाव के स्पष्ट संकेत हैं। अगर उत्सर्जन कम नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाएं और सामान्य हो जाएंगी।

सरकार के प्रयास और उपाय

सरकार हीट एक्शन प्लान को मजबूत कर रही है। कई राज्यों और शहरों (जैसे दिल्ली) में हीटवेव के दौरान पानी की टैंकर, कूलिंग सेंटर, छाया वाले इंतजाम और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अप्रैल-जून के लिए हीटवेव चेतावनी जारी की है और जनता को दोपहर में बाहर न निकलने, ज्यादा पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। IMD लगातार अलर्ट जारी कर रहा है। दीर्घकालिक प्रयासों में नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ाना, शहरी नियोजन में कूल रूफ, ज्यादा पेड़ लगाना, वेटलैंड संरक्षण और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। केंद्र सरकार जलवायु अनुकूलन रणनीतियों पर काम कर रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नए शोध भी शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *