
नई दिल्ली/अमर भारती। हिमाचल प्रदेश के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए इन चुनावों को राज्य की राजनीति का “सेमीफाइनल” माना जा रहा था। चुनाव परिणामों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बीजेपी ने शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
चार नगर निगमों में तीन पर खिला कमल
राज्य के चार नगर निगमों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने तीन नगर निगमों में बढ़त हासिल कर कांग्रेस के कब्जे से दो महत्वपूर्ण नगर निगम छीन लिए। कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम में अपना वर्चस्व बचाने में सफल रही, जबकि मंडी, सोलन और धर्मशाला में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया। इन चारों नगर निगमों के कुल 63 वार्डों में मतदान हुआ था। परिणामों के अनुसार बीजेपी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 23 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वहीं तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। मंडी के बैहना वार्ड में कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं होने के कारण वहां मतदान नहीं हो सका।
मंडी में कांग्रेस का लगभग सफाया
चुनाव परिणामों में सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन मंडी नगर निगम में देखने को मिला। यहां बीजेपी ने 12 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी। मंडी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, ऐसे में यह परिणाम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सोलन नगर निगम में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 में से 10 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस को यहां छह सीटें मिलीं। वहीं धर्मशाला नगर निगम में बीजेपी ने 11 वार्डों में जीत दर्ज कर बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस केवल पांच सीटों तक सीमित रही।
पालमपुर में कांग्रेस ने बचाई प्रतिष्ठा
पूरे चुनाव में कांग्रेस के लिए राहत की खबर पालमपुर से आई। यहां पार्टी ने 15 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज कर अपना मजबूत जनाधार बरकरार रखा। बीजेपी को यहां चार सीटों से संतोष करना पड़ा। पालमपुर एकमात्र ऐसा नगर निगम रहा जहां कांग्रेस अपना वर्चस्व बनाए रखने में सफल रही। मतदान प्रतिशत के मामले में पालमपुर सबसे आगे रहा, जहां 68.97 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद मंडी में 66.78 प्रतिशत, धर्मशाला में 60.01 प्रतिशत और सोलन में 58.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
बीजेपी ने बताया जनमत, कांग्रेस करेगी समीक्षा
चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने इसे कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनादेश बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस को नकार दिया है और बीजेपी के पक्ष में विश्वास जताया है। वहीं कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी। उन्होंने उम्मीदवार चयन और स्थानीय मुद्दों को हार का कारण बताते हुए कहा कि सीमित मतदाताओं के आधार पर पूरे प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय नहीं की जा सकती।
2027 से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
नगर निगम चुनावों के इन नतीजों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। बीजेपी जहां इसे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी बड़ी राजनीतिक सफलता मान रही है, वहीं कांग्रेस के सामने संगठन और जनाधार को मजबूत करने की चुनौती और बढ़ गई है।