दादरी पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, गौसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प

‘वोट मांगने वालों से गौरक्षा पर सवाल पूछें’— शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

दिल्ली-एनसीआर: दादरी विधानसभा क्षेत्र में गविष्ठी यात्रा के अंतर्गत परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आगमन पर क्षेत्रवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया। पृथला चौक से गौर सिटी के मध्य सर्विस लेन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सनातन धर्म प्रेमी एकत्रित हुए। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, जयघोष और धार्मिक नारों के साथ शंकराचार्य जी का अभिनंदन किया। स्वागत के उपरांत श्रद्धालु अपने वाहनों के साथ शोभायात्रा के रूप में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पादुका पूजन के साथ किया गया। धार्मिक वातावरण के बीच उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से कार्यक्रम में सहभागिता की। आयोजन स्थल पर गौसंरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

मताधिकार के प्रयोग को लेकर दिया संदेश

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपने मताधिकार का प्रयोग अत्यंत सावधानी और विवेक के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि वोट मांगने आए तो जनता उससे यह अवश्य पूछे कि वह गौरक्षा और गौसंवर्धन के लिए क्या कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे लोगों का समर्थन करना चाहिए जो गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध हों।

गौमाता के महत्व पर डाला प्रकाश

अपने उद्बोधन में शंकराचार्य जी ने गौमाता के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि समस्त मानवता की माता है। उन्होंने गौदुग्ध के स्वास्थ्य संबंधी लाभों का उल्लेख करते हुए गौसंवर्धन को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।

श्री वेद नगर को बनाया क्षेत्रीय प्रतिनिधि

कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य जी ने श्री वेद नगर को दादरी विधानसभा क्षेत्र में अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में गौधाम निर्माण का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए जनसहयोग जुटाने हेतु “एक व्यक्ति, एक नोट” अभियान भी संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

गौरक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर शंकराचार्य जी ने उपस्थित जनसमूह को गौरक्षा, गौसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव प्रयासरत रहने की शपथ दिलाई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “अहम् हनमि व्रतम् गविष्ठो” मंत्र का जाप कर गौसंरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

बड़ी संख्या में उपस्थित रहे श्रद्धालु

कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में सनातन धर्म प्रेमियों ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष प्रभाव देखने को मिला।

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