वाराणसी पति ने लगाई न्याय की गुहार: “या साथ रहे, या दे तलाक”, पत्नी और कथित प्रेमी पर प्रताड़ना का आरोप

वाराणसी: पति ने लगाई न्याय की गुहार, जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें

वाराणसी में वैवाहिक विवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराता युवक
वाराणसी में वैवाहिक विवाद के मामले में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत देता पीड़ित।

वाराणसी वैवाहिक विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम सभा बनकट निवासी सागर कुमार गुप्ता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने मानसिक प्रताड़ना, मारपीट, झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं।

2018 में हुई थी शादी, बाद में बढ़ा विवाद

वाराणसी वैवाहिक विवाद से जुड़े इस मामले में सागर कुमार गुप्ता ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2018 में जंसा थाना क्षेत्र के बड़ौदा बाजार निवासी संगीता गुप्ता से हुआ था। उनके अनुसार शुरुआती दिनों में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से उनकी पत्नी का बड़ौदा बाजार निवासी विकास गुप्ता के साथ प्रेम संबंध है। उनका कहना है कि इसी कारण उनके वैवाहिक संबंधों में लगातार तनाव बना रहा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी अभी सामने नहीं आई है।

मारपीट और झूठे मुकदमे का लगाया आरोप

वाराणसी वैवाहिक विवाद में शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने कथित संबंधों का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उनके खिलाफ दहेज प्रताड़ना का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। सागर गुप्ता का कहना है कि इस मामले के चलते उन्हें कई बार थाने और अदालत के चक्कर लगाने पड़े। उनका दावा है कि बाद में उन्होंने संबंधित मामले में हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर भी प्राप्त कर लिया। इस दावे की पुष्टि न्यायिक अभिलेखों से ही हो सकेगी।

वाराणसी में वैवाहिक विवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराता युवक
वाराणसी में वैवाहिक विवाद के मामले में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत देता पीड़ित।

पत्नी की लोकेशन बताने से इनकार करने का दावा

शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी पत्नी फिलहाल न तो अपने मायके में रह रही हैं और न ही ससुराल में। उनका कहना है कि हाल ही में फोन पर बातचीत के दौरान भी पत्नी ने अपनी वर्तमान लोकेशन बताने से इनकार कर दिया। वाराणसी वैवाहिक विवाद में पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने और दोबारा किसी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। उनका कहना है कि इस स्थिति ने उनके जीवन को असहज बना दिया है।

‘साथ रहो या कानूनी तलाक दो’

सागर कुमार गुप्ता का कहना है कि वह आज भी अपनी पत्नी को सम्मानपूर्वक अपने साथ रखने के लिए तैयार हैं। यदि उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती हैं तो वह विधिक प्रक्रिया के तहत तलाक दे दें, ताकि दोनों अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ सकें। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में न तो पत्नी उनके साथ रहने को तैयार हैं और न ही कानूनी रूप से वैवाहिक संबंध समाप्त करने की पहल कर रही हैं। इससे विवाद लगातार लंबा खिंचता जा रहा है।

मानसिक तनाव से गुजरने का दावा

वाराणसी वैवाहिक विवाद के इस मामले में शिकायतकर्ता ने कहा कि लगातार चल रहे विवाद, मुकदमों और कथित धमकियों के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि यदि उन्हें समय रहते न्याय नहीं मिला और कथित प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा तो उनके पास आत्महत्या जैसा कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। यह शिकायतकर्ता का दावा है।

वाराणसी में वैवाहिक विवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराता युवक
वाराणसी में वैवाहिक विवाद के मामले में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत देता पीड़ित।

पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। वाराणसी वैवाहिक विवाद से जुड़े इस प्रकरण में फिलहाल शिकायत पुलिस के संज्ञान में है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में पत्नी और अन्य आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

जांच के बाद ही सामने आएंगे तथ्य

विशेषज्ञों का मानना है कि पति-पत्नी से जुड़े विवादों में दोनों पक्षों की बात सुनना और निष्पक्ष जांच करना आवश्यक होता है। वाराणसी वैवाहिक विवाद के इस मामले में भी शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आता है। (Amar Bharti)

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