टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव संभव, BCCI की समीक्षा में कई अहम नामों पर फैसला बाकी

इंग्लैंड दौरे के बाद सपोर्ट स्टाफ में फेरबदल की तैयारी, फील्डिंग कोच टी. दिलीप पर सबसे ज्यादा संकट

टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और सपोर्ट स्टाफ के सदस्य मैदान पर अभ्यास सत्र के दौरान रणनीति पर चर्चा करते हुए।
इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ की समीक्षा कर रहा है BCCI। सपोर्ट स्टाफ में बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया कोचिंग स्टाफ में बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा में जुट गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ काम कर रहे सहायक कोच रयान टेन डोशेट, गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भविष्य पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि आगामी न्यूजीलैंड दौरे और अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए बोर्ड कोचिंग स्टाफ को लेकर बड़ा निर्णय ले सकता है।

इंग्लैंड दौरे के बाद शुरू हुई समीक्षा

टीम इंडिया कोचिंग स्टाफ में बदलाव की चर्चा उस समय तेज हुई जब इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम लगातार हार का सामना करती रही। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम लगातार छह मुकाबले हार गई, जिससे टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे।

इसी बीच BCCI ने सपोर्ट स्टाफ के प्रदर्शन की समीक्षा शुरू कर दी है। बोर्ड का मानना है कि बड़े टूर्नामेंटों से पहले टीम के हर विभाग का मूल्यांकन जरूरी है ताकि कमजोरियों को समय रहते दूर किया जा सके।

सौजन्य- सोशल मीडिया

रयान टेन डोशेट के भविष्य पर बनी हुई है स्थिति स्पष्ट नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सहायक कोच रयान टेन डोशेट का मौजूदा अनुबंध इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद समाप्त हो रहा है। पहले ऐसी खबरें आई थीं कि वह भारतीय टीम के साथ लगातार यात्रा करने को लेकर असहज हैं और भविष्य में किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी से जुड़ने पर विचार कर सकते हैं।

हालांकि दूसरी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि BCCI उन्हें टीम इंडिया के साथ बनाए रखना चाहता है। बोर्ड का मानना है कि उन्होंने रणनीति बनाने और खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मोर्ने मोर्केल को बनाए रखने की कोशिश

टीम इंडिया कोचिंग स्टाफ में बदलाव के बीच गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल का नाम भी चर्चा में है। कुछ रिपोर्टों में उनके पद छोड़ने की संभावना जताई गई थी, लेकिन बाद की जानकारी के अनुसार BCCI उन्हें अपने साथ बनाए रखना चाहता है।

पिछले दो वर्षों में मोर्केल की देखरेख में भारतीय तेज गेंदबाजों ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। बोर्ड का मानना है कि उनकी विशेषज्ञता आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

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फील्डिंग कोच टी. दिलीप की कुर्सी पर संकट

यदि टीम इंडिया कोचिंग स्टाफ में बदलाव होता है तो सबसे बड़ा असर फील्डिंग विभाग में देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फील्डिंग कोच टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त होने वाला है और उन्हें दोबारा विस्तार मिलने की संभावना कम मानी जा रही है।

हाल के महीनों में भारतीय टीम की फील्डिंग लगातार आलोचना के घेरे में रही है। इंग्लैंड दौरे के दौरान कई आसान कैच छूटे और महत्वपूर्ण मौकों पर खराब फील्डिंग देखने को मिली। इसी वजह से बोर्ड इस विभाग में नए चेहरे की तलाश कर सकता है।

राहुल द्रविड़ के दौर से जुड़े थे टी. दिलीप

टी. दिलीप भारतीय टीम से राहुल द्रविड़ के मुख्य कोच रहने के दौरान जुड़े थे। उन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए ‘बेस्ट फील्डर मेडल’ जैसी पहल शुरू की थी, जिसे खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रशंसकों ने काफी पसंद किया था।

राहुल द्रविड़ के कार्यकाल के बाद भी उन्हें एक वर्ष का विस्तार दिया गया था, लेकिन अब प्रदर्शन के आधार पर उनके भविष्य पर फैसला लिया जा सकता है।

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BCCI पहले भी कर चुका है बदलाव

यह पहला मौका नहीं है जब टीम इंडिया कोचिंग स्टाफ में बदलाव की चर्चा हो रही है। इससे पहले BCCI ने सहायक कोच अभिषेक नायर को हटाकर उनकी जगह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से जुड़े सितांशु कोटक को बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंपी थी।

इस फैसले से स्पष्ट संकेत मिला था कि बोर्ड प्रदर्शन के आधार पर बदलाव करने से पीछे नहीं हटेगा। अब एक बार फिर सपोर्ट स्टाफ की व्यापक समीक्षा की जा रही है।

आगामी टूर्नामेंटों को देखते हुए जल्द होगा फैसला

भारतीय टीम को इस वर्ष न्यूजीलैंड का महत्वपूर्ण दौरा करना है। इसके अलावा अगले वर्ष दक्षिण अफ्रीका में वनडे विश्व कप खेला जाना है। ऐसे में BCCI चाहता है कि बड़े टूर्नामेंटों से पहले कोचिंग स्टाफ को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता न रहे।

इसी कारण बोर्ड जल्द ही मुख्य कोच गौतम गंभीर और सपोर्ट स्टाफ के भविष्य पर अंतिम निर्णय ले सकता है।

सौजन्य- सोशल मीडिया

BCCI की प्राथमिकता प्रदर्शन में सुधार

टीम इंडिया कोचिंग स्टाफ में बदलाव का उद्देश्य केवल नए चेहरे लाना नहीं, बल्कि टीम के प्रदर्शन में सुधार करना है। बोर्ड चाहता है कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में निरंतरता बनी रहे और खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिले।

हालांकि BCCI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में कोचिंग स्टाफ में बदलाव को लेकर अंतिम स्थिति बोर्ड के औपचारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी। (Amar Bharti)

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