भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ बनी हादसे की वजह, दम घुटने से श्रद्धालु की मौत, पुलिस-ODRAF ने संभाला मोर्चा, प्रशासन ने शुरू की जांच।

नई दिल्ली/अमर भारती। ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान गुरुवार को भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए। भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि करीब 100 श्रद्धालु घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक को भीड़ के दबाव में सांस लेने में दिक्कत हुई थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे रथयात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भगदड़ जैसे हालात कैसे बने?
जानकारी के अनुसार हजारों श्रद्धालु पुरी के प्रसिद्ध बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन और रथ खींचने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया और श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ लोग संतुलन खोकर गिर पड़े, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
दम घुटने से श्रद्धालु की मौत
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मृत श्रद्धालु को भीड़ के बीच सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। मौके पर मौजूद राहत दल ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक भीड़ और ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति मौत का कारण बनी हो सकती है।
करीब 100 श्रद्धालु घायल
इस हादसे में करीब 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ श्रद्धालुओं को गंभीर हालत में पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। घायलों का इलाज जारी है।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि ग्रैंड रोड पर भारी भीड़ के कारण लोगों का आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। कई श्रद्धालु जमीन पर गिरते दिखाई दिए, जबकि मौके पर चप्पलें और अन्य सामान बिखरा नजर आया।
पुलिस और ODRAF ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर भीड़ को नियंत्रित किया गया और घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रशासन ने शुरू की जांच
प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।

रथयात्रा में उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़
पुरी की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन और रथ खींचने के लिए पुरी पहुंचते हैं। भारी भीड़ के कारण प्रशासन के सामने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है।

भीड़ नियंत्रण पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद रथयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ का दबाव लगातार बढ़ रहा था, लेकिन समय रहते उचित नियंत्रण नहीं किया जा सका। हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
आधिकारिक बयान का इंतजार
प्रशासन ने फिलहाल एक श्रद्धालु की मौत की पुष्टि की है। घायलों की संख्या और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। (Amar Bharti)
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