मोदीनगर के बुदाना गांव में पैतृक संपत्ति विवाद खूनी संघर्ष में बदला। 2018 में छोटे भाई पर हमला करने का भी आरोप, अब पिता की हत्या के बाद आरोपी फरार।

गाजियाबाद के मोदीनगर में संपत्ति विवाद ने ली पिता की जान
नई दिल्ली/अमर भारती। गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव में मोदीनगर संपत्ति विवाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 150 करोड़ रुपये की पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद बुधवार रात खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि बड़े बेटे निखिल नेहरा ने अपने पिता हरिओम नेहरा (55) की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
गेट पर कहासुनी के बाद चलीं सात गोलियां
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे निखिल नेहरा नशे की हालत में घर पहुंचा। मुख्य गेट पर मौजूद पिता हरिओम ने उसके व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसी दौरान दोनों के बीच पैतृक संपत्ति को अपने नाम कराने को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।
शोर सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भी मौके पर पहुंचे और विवाद शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई। आरोप है कि निखिल ने पिस्टल निकालकर लगातार सात राउंड फायरिंग कर दी।
सिर, सीने और गले में लगीं चार गोलियां
फायरिंग के दौरान हरिओम नेहरा के सिर, सीने और गले में चार गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल अवस्था में परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।
150 करोड़ की पैतृक संपत्ति बना विवाद की जड़
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हरिओम नेहरा के पास लगभग 75 बीघा पैतृक जमीन, छह दुकानें और एक व्यावसायिक परिसर था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
परिवार में विवाद से बचने के लिए हरिओम ने मौखिक रूप से संपत्ति तीन हिस्सों में बांटने का निर्णय लिया था।
- निखिल को 25 बीघा जमीन
- दो दुकानें
- शेष संपत्ति छोटे बेटे और स्वयं हरिओम के हिस्से में रहने वाली थी।
हालांकि किसी भी हिस्से का विधिवत बैनामा नहीं हुआ था।
पूरे परिवार की संपत्ति अपने नाम कराने का था दबाव
परिजनों के अनुसार, निखिल लगातार पूरी पैतृक संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। हरिओम को आशंका थी कि यदि पूरी संपत्ति उसके नाम कर दी गई तो वह उसे बेच सकता है। इसी कारण उन्होंने बैनामा करने से इनकार कर दिया था।
पुलिस इसी संपत्ति विवाद को हत्या का मुख्य कारण मानकर जांच कर रही है।
नई खरीदी गई जमीन को लेकर भी था विवाद
जांच में यह भी सामने आया है कि हरिओम ने कुछ समय पहले बुदाना रोड पर करीब पांच बीघा नई जमीन खरीदी थी।
- हरिओम वहां बैंक्वेट हॉल बनाना चाहते थे।
- जबकि निखिल उसी जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की योजना बना रहा था।
इसी मुद्दे को लेकर भी परिवार में लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
2018 में छोटे भाई पर भी कर चुका था हमला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब निखिल पर हिंसक घटना का आरोप लगा हो।
2018 में भी उसने कथित तौर पर अपने छोटे भाई नीशू नेहरा को गोली मार दी थी।
उस समय गोली पेट में लगी थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। परिवार ने उस घटना में पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

मां की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज
घटना के बाद मृतक की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर मोदीनगर थाना पुलिस ने आरोपी निखिल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस जुटा रही तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार—
- घटनास्थल से मिले कारतूस और अन्य साक्ष्य कब्जे में ले लिए गए हैं।
- परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
- सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
- आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
कानूनी एंगल: आरोपी पर लग सकती हैं ये धाराएं
प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
यदि जांच में पूर्व नियोजित हत्या, अवैध हथियार या अन्य आपराधिक तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। अंतिम धाराएं पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर तय होंगी।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां, हथियार का स्रोत और अन्य कानूनी पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। (Amar Bharti)
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