महाराष्ट्र UCC कमेटी में विवाद, जस्टिस आरसी चव्हाण ने दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र UCC कमेटी के सदस्य जस्टिस आरसी चव्हाण ने फीडबैक प्रक्रिया और बैठक में गैर-सदस्य की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दिया।

महाराष्ट्र UCC कमिटी से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा
महाराष्ट्र UCC कमिटी से जस्टिस आरसी चव्हाण का इस्तीफा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने के लिए बनाई गई कमेटी में मतभेद सामने आए हैं। कमिटी के सदस्य और बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस आरसी चव्हाण ने दूसरी बैठक के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे में उन्होंने जनता से फीडबैक लेने की प्रक्रिया और कमिटी की बैठक में एक गैर-सदस्य की मौजूदगी समेत कुछ मुद्दों पर आपत्ति जताई।

दूसरी बैठक के बाद दिया इस्तीफा

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर को कमिटी की ऑनलाइन बैठक हुई थी। इसके कुछ घंटों बाद जस्टिस आरसी चव्हाण ने अपना इस्तीफा राज्य सरकार को भेजा। बाद में राज्य सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

जस्टिस चव्हाण ने अपने इस्तीफे में दो प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया। इनमें पहला मुद्दा जनता से राय लेने के लिए तैयार की गई फीडबैक प्रक्रिया से जुड़ा था, जबकि UCC दूसरी बैठक में एक ऐसे व्यक्ति की मौजूदगी से संबंधित था, जो कमेटी का सदस्य नहीं था।

‘हां’ या ‘ना’ वाले फीडबैक पर आपत्ति

जस्टिस चव्हाण के अनुसार, जनता से राय लेने के लिए तैयार की गई प्रश्नावली पर चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि लोगों से केवल ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब लिया जाए, ताकि प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण आसान हो सके।

चव्हाण का कहना था कि UCC कमेटी जैसे विषय का संबंध विवाह, परिवार और लंबे समय से चले आ रहे कानूनी-सामाजिक मुद्दों से है। ऐसे में जनता की राय लेने की प्रक्रिया में व्यापक प्रतिक्रिया और आम सहमति के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। उनके अनुसार, केवल हां या ना के जवाब तक फीडबैक सीमित करने से लोगों की विस्तृत राय सामने नहीं आ पाएगी।

बैठक में गैर-सदस्य की मौजूदगी पर सवाल

जस्टिस चव्हाण ने UCC कमेटी की बैठक में एक कथित गैर-सदस्य की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार, यह व्यक्ति सरकारी अधिकारियों द्वारा तैयार की गई वेबसाइट में सुधार से संबंधित सुझाव दे रहा था।

चव्हाण ने सवाल उठाया कि अगर वह कमिटी का सदस्य नहीं था तो किस हैसियत से बैठक में शामिल हुआ। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या सरकारी अधिकारी इस तरह के काम के लिए सक्षम नहीं थे।

जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं अध्यक्षता

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता के नियम और सिफारिशें तैयार करने के लिए सात सदस्यीय पैनल का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई कर रही हैं।

जस्टिस चव्हाण के इस्तीफे के बाद UCC कमेटी की कार्यप्रणाली और जनता से राय लेने की प्रक्रिया चर्चा में आ गई है। हालांकि, इस्तीफे में उठाए गए मुद्दों पर कमिटी या सरकार की ओर से उपलब्ध स्रोत में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।

UCC को लेकर महाराष्ट्र में यह कमिटी नियमों और सिफारिशों से जुड़े सुझाव तैयार करने की प्रक्रिया में है। ऐसे में कमिटी के भीतर सामने आया यह मतभेद आगे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकता है। फिलहाल इस्तीफे के पीछे बताए गए कारणों और कमिटी की आगे की कार्यवाही पर नजर बनी हुई है। (AMAR BHARTI)

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