जंतर-मंतर प्रदर्शन: प्रोटेस्ट के चलते 11 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन हुआ। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोका और 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में ट्रैफिक और मेट्रो संचालन पर भी असर पड़ा।
जंतर-मंतर जाते वक्त योगेंद्र यादव को रोका गया
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोका गया। योगेंद्र यादव समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले भी 26 सितंबर को जंतर-मंतर के पास योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और नेहा बोरा समेत 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।
700 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें AAP नेताओं और विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल बताए गए हैं।
प्रदर्शन का आयोजन निर्वाचन आयोग के कामकाज और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर जताई गई चिंताओं के विरोध में किया जा रहा था। छात्र संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित मार्च के लिए अनुमति नहीं मिली थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के जंतर-मंतर पहुंचने की योजना थी।
मनोज झा बोले- विरोध प्रदर्शन के लिए इजाजत की जरूरत होती है?
जंतर-मंतर प्रदर्शन में पहुंचे RJD सांसद मनोज झा ने प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के लिए इजाजत की जरूरत होती है? उन्होंने इसे गांधी का देश बताते हुए विरोध करने के अधिकार की बात कही।
मनोज झा से जब प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह निश्चित रूप से इसमें शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस स्टेट में बदलने के बावजूद ज्ञानेश कुमार, पीएम मोदी और अमित शाह अपनी गलतियों को छिपा नहीं पाएंगे।
सौरभ भारद्वाज ने भी पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह बिना कार के जंतर-मंतर पहुंचे हैं और लोगों से भी वहां पहुंचने की अपील की।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विरोध करना लोगों का अधिकार है। उनके मुताबिक, पुलिस प्रदर्शनकारियों से कह रही थी कि विरोध की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने दावा किया कि AAP ने छह दिन पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आधिकारिक अनुमति मांगी थी।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के चलते 11 मेट्रो स्टेशन बंद
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अगले आदेश तक बंद किए गए। हालांकि, कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।
बंद किए गए स्टेशनों में:
- जनपथ
- पटेल चौक
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
- राजीव चौक
- सेवा तीर्थ
- मंडी हाउस
- लोक कल्याण मार्ग
- INA
- चावड़ी बाजार
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- नई दिल्ली
इसके अलावा बाराखंभा मेट्रो स्टेशन को भी बंद किए जाने की जानकारी दी गई है। नई दिल्ली स्टेशन पर इंटरचेंज सुविधा बंद रहने की बात भी सामने आई।
दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन, कई रास्तों पर असर
जंतर-मंतर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, GPO, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड, पार्लियामेंट स्ट्रीट और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया। वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की गई।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर बढ़ी सुरक्षा
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया गया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच सियासी बयानबाजी तेज
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे जंतर-मंतर प्रदर्शन में राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शन की अनुमति और मेट्रो-ट्रैफिक प्रतिबंधों को लेकर भी बयानबाजी हुई। (Amar Bharti)
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