कोर्ट ने याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, 1 नवंबर को BMC ने हटाया था वीडियो

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज इण्डिया। अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा के पटाखे न जलाने की अपील वाले वीडियो पर बीजेपी नेताओं की आपत्तियों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि यह मामला पर्यावरण से जुड़ा है और इसे कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटाए गए वीडियो को दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया है।
दीया मिर्ज़ा के वीडियो पर बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों से कोर्ट नाराज
जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच ने दीया मिर्ज़ा के वीडियो को लेकर कुछ नेताओं की टिप्पणियों पर एतराज जताया। अदालत ने कहा कि वह नेताओं की ओर से की गई इक्का-दुक्का टिप्पणियों से परेशान है। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

यह वीडियो बीएमसी के अनुरोध पर ही बनाया गया था। इसका उद्देश्य सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बारे में लोगों को जागरूक करना था। हालांकि, बीजेपी नेताओं की आपत्तियों के बाद बीएमसी ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया था।
कुछ बीजेपी नेताओं ने अभिनेत्री को हिन्दू विरोधी बताया था। इस पर अदालत ने कहा कि नेताओं ने अपनी टिप्पणियां करते समय कोर्ट के पहले के आदेश पर ध्यान नहीं दिया। अदालत ने अपने आदेश में सभी को जागरूकता अभियान में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा- पर्यावरण के मुद्दे को दूसरा रंग न दें
सुनवाई के दौरान जस्टिस कुलकर्णी ने कहा कि दीया मिर्ज़ा ने अदालत के निर्देशों के अनुसार ही काम किया। जजों ने कुछ पार्षदों और नेताओं के रवैये को सही नहीं बताया और कहा कि इस मुद्दे को कोई दूसरा रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
जस्टिस गोखले ने भी स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसे किसी अन्य विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की, “हर कोई एक ही हवा में सांस ले रहा है, चाहे वह कोई भी हो।”
कोर्ट ने बीएमसी को हटाए गए वीडियो को दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया। इस तरह अदालत ने साफ किया कि पर्यावरण जागरूकता से जुड़े अभियान को लेकर की गई अपील को किसी दूसरे मुद्दे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
1 नवंबर को वीडियो हटाए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद
मुंबई में दिवाली से पहले बीएमसी ने पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया था। इसके तहत लोगों से पटाखे न जलाने और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने की अपील की गई थी।
इस अभियान में फिल्म और क्रिकेट जगत की कई हस्तियों को शामिल किया गया था। इनमें दीया मिर्ज़ा, माधुरी दीक्षित, मराठी अभिनेत्री निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे शामिल थे।
बीएमसी ने 1 नवंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दीया मिर्ज़ा का वीडियो पोस्ट किया था। इसके बाद मुंबई बीजेपी अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने इस पर आपत्ति जताई। कुछ ही घंटों बाद बीएमसी ने वीडियो हटा दिया, जबकि अभियान में शामिल अन्य हस्तियों के वीडियो उसके एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद रहे।
अमित साटम ने एक्स पर लिखा था, “हमें दीया मिर्ज़ा से ये सीखने की ज़रूरत नहीं कि दिवाली कैसे मनाएं। हमारी परंपराओं की जड़ें हमारी संस्कृति में गहराई तक जुड़ी हुई हैं।”
मेयर रितु तावड़े ने भी दीया मिर्ज़ा के खिलाफ दिया था बयान
वीडियो हटाए जाने के बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी दीया मिर्ज़ा के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि अभिनेत्री को बीएमसी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा और उन्हें सरकारी मंच पर जगह नहीं मिलेगी।

मेयर ने यह भी कहा था कि भविष्य में बीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई भी सार्वजनिक संदेश उनकी मंजूरी के बिना जारी नहीं होना चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया था कि पहले की पोस्ट पर लोगों की आपत्तियों के बाद प्रशासन ने उसे हटाने का फैसला किया। हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि पटाखे जलाने को लेकर बीएमसी का रुख नहीं बदला है और वह बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का पालन कर रही है।
बीएमसी अभियान का उद्देश्य प्रदूषण के प्रति जागरूकता
बीएमसी का यह अभियान दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया गया था। अभियान में शामिल हस्तियों ने मुंबई के लोगों से पटाखे न जलाने और प्रदूषण कम करने की अपील की थी।
दीया मिर्ज़ा के वीडियो के साथ बीएमसी ने अदालत के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया था कि सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे जलाना प्रतिबंधित है। अभिनेत्री ने भी लोगों से पटाखे न जलाने और ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील की थी।
दीया मिर्ज़ा पर्यावरण और प्रदूषण के मुद्दों पर लंबे समय से अपनी बात रखती रही हैं। वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की गुडविल एंबेसडर भी हैं।
दीया मिर्ज़ा के पटाखे न जलाने की अपील वाले वीडियो पर विवाद के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुछ नेताओं की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। अदालत ने मामले को पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा बताते हुए बीएमसी को वीडियो दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया। (Amar Bharti)
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