टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा में रिपब्लिकन पार्टी को झटका, ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज इण्डिया। अमेरिका के 2026 के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में कई राज्यों में प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों के बाद अमेरिकी संसद में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और ट्रंप सरकार के लिए आगे फैसले लागू करना आसान नहीं होगा।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की पार्टी को बड़ा झटका
अमेरिका में राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच होने वाले मिडटर्म चुनाव को सरकार के कामकाज पर जनता की राय के तौर पर देखा जाता है। 2026 के चुनाव परिणामों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी को पीछे छोड़ दिया है।

मिडटर्म चुनाव नतीजों से संकेत मिलता है कि ट्रंप की नीतियों और उनके कामकाज को लेकर मतदाताओं में नाराजगी रही। ट्रंप ने अपनी पार्टी की जीत के लिए पूरी ताकत लगाई, लेकिन कई अहम राज्यों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे, लेकिन संसद में बहुमत नहीं होने के कारण उनके लिए अपने फैसलों को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब डेमोक्रेट्स को उनकी सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने और नीतियों का विरोध करने का अवसर मिलेगा।
टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा में रिपब्लिकन पार्टी को झटका
मिडटर्म चुनाव परिणामों में रिपब्लिकन पार्टी को उन राज्यों में भी नुकसान हुआ, जिन्हें उसका मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा जैसे राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने गवर्नर पदों पर जीत दर्ज की।
इसके अलावा टेक्सास, मेन, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, कंसास और आयोवा में सीनेट की सीटों पर भी रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगा। ट्रंप ने इन राज्यों के मतदाताओं से मतदान की अपील करते हुए कहा था कि वे ऐसे वोट करें, मानो वह खुद चुनावी मैदान में हों।
इन मिडटर्म चुनाव नतीजों ने रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती बढ़ा दी है। चुनाव के बाद पार्टी के भीतर भी ट्रंप के नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विवेक रामास्वामी ओहायो में हारे, डेबी वासरमैन शल्ज की जीत
ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में ट्रंप के पसंदीदा भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने हराया। चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला और पार्टी के भीतर की खींचतान भी चर्चा में रही।
रिपब्लिकन नेता क्रिस क्रिस्टी ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”ट्रंप का दौर समाप्त हो गया है।” वहीं, हार के संकेत मिलने के बाद ट्रंप ने मीडिया को दिए साक्षात्कारों में नतीजों को स्वीकार किया और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही।
दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी की डेबी वासरमैन शल्ज ने फ्लोरिडा के 20वें संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रेंट एंडरसन को हराया। वासरमैन ने इस नए निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया था। यह उनकी इस पद पर 12वीं जीत है। वह फ्लोरिडा से निर्वाचित होने वाली पहली यहूदी महिला सांसद बन गई हैं।
सुसी ली और केटी हॉब्स ने दर्ज की जीत, पीट रिकेट्स भी जीते
डेमोक्रेटिक पार्टी की सुसी ली ने नेवादा के तीसरे कांग्रेसनल जिले से दोबारा चुनाव जीतकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार मार्टी ओ’डॉनेल को हराया।
एरिज़ोना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार केटी हॉब्स ने गवर्नर पद का चुनाव फिर जीत लिया। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार एंडी बिग्स को पराजित किया।
वहीं, नेब्रास्का में रिपब्लिकन उम्मीदवार पीट रिकेट्स ने सीनेट का चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार डैन ऑसबोर्न को हराया। इस जीत के साथ रिकेट्स सीनेट में अपना पहला पूर्ण छह साल का कार्यकाल संभालेंगे। इससे पहले उन्हें 2023 में रिपब्लिकन सीनेटर बेन सासे की जगह नियुक्त किया गया था और 2024 के विशेष चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी।
ट्रंप सरकार के सामने बढ़ सकती हैं राजनीतिक चुनौतियां
मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। दोनों सदनों में बहुमत मिलने से विपक्ष को ट्रंप सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने और उसकी नीतियों का विरोध करने का अवसर मिलेगा।

ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे, लेकिन संसद में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत नहीं होने से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है। ट्रंप ने चुनावी हार के बाद डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 2026 में डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस में बहुमत हासिल किया है और कई अहम राज्यों में भी जीत दर्ज की है। इन नतीजों से ट्रंप सरकार के सामने संसद में राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। (Amar Bharti)
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