लखनिया
चार महीने के इंतजार के बाद फिर खुला लखनिया दरी जलप्रपात

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल लखनिया दरी जलप्रपात चार महीने के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। सोमवार को जैसे ही लखनिया दरी जलप्रपात का मुख्य प्रवेश द्वार खोला गया, बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच गए। मानसून के मौसम में झरने की मनमोहक छटा ने पर्यटकों को आकर्षित किया और पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से बंद पड़े इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के दोबारा खुलने से स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
पार्किंग विवाद के कारण चार महीने तक बंद रहा पर्यटन स्थल
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार लखनिया दरी जलप्रपात को करीब चार महीने पहले पार्किंग ठेका प्रक्रिया में विवाद के चलते बंद कर दिया गया था। विवाद के कारण मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया गया था और पर्यटकों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी।
अब लगभग 16 लाख रुपये में पार्किंग का नया ठेका स्वीकृत होने और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रशासन ने लखनिया दरी जलप्रपात को दोबारा पर्यटकों के लिए खोलने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि इस बार पार्किंग व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित बनाई गई है।
मानसून में निखरी लखनिया दरी जलप्रपात की खूबसूरती
बारिश के मौसम में लखनिया दरी जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के चरम पर होता है। पहाड़ों से गिरता दूधिया पानी, हरियाली से ढकी घाटियां और ठंडी हवाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। सोमवार को जलप्रपात खुलते ही परिवारों, युवाओं, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
पर्यटकों ने झरने के आसपास प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया और सोशल मीडिया के लिए यादगार तस्वीरें एवं वीडियो भी बनाए। कई पर्यटकों ने कहा कि चार महीने बाद यहां आकर उन्हें बेहद सुकून और खुशी का अनुभव हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत
बीते वर्षों में लखनिया दरी जलप्रपात क्षेत्र में चोरी, छिनैती और कुछ दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
पूरे पर्यटन स्थल पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पार्किंग क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया है तथा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि पर्यटक सुरक्षित वातावरण में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें।
प्रशासन ने जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश
क्षेत्राधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार से लखनिया दरी जलप्रपात में पर्यटकों का प्रवेश औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने सभी पर्यटकों से प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें, सुरक्षा बैरिकेडिंग का सम्मान करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय कारोबारियों को मिली बड़ी राहत
लखनिया दरी जलप्रपात के दोबारा खुलने से स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों, रेस्तरां संचालकों और छोटे दुकानदारों में खुशी का माहौल है। पिछले चार महीनों से पर्यटन गतिविधियां लगभग ठप होने के कारण उनके कारोबार पर असर पड़ा था।
अब पर्यटन स्थल खुलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। होटल व्यवसायियों का मानना है कि मानसून सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आसपास के बाजारों में व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी।
मिर्जापुर पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि लखनिया दरी जलप्रपात मिर्जापुर की पहचान बन चुका है। मानसून के दौरान यहां उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं।
यदि प्रशासन सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं पर लगातार ध्यान देता है तो यह पर्यटन स्थल आने वाले वर्षों में प्रदेश के सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।

प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण की भी है जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि लखनिया दरी जलप्रपात केवल पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर भी है। इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों को पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखना चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान न पहुंचाने की अपील की है। इससे आने वाली पीढ़ियां भी इस खूबसूरत जलप्रपात का आनंद उठा सकेंगी।
पर्यटन के साथ सुरक्षा भी जरूरी
मानसून के दौरान जलप्रवाह तेज होने के कारण प्रशासन ने पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि जलप्रपात के गहरे हिस्सों या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सभी पर्यटक केवल निर्धारित स्थानों पर ही भ्रमण करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। (Amar Bharti)
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