अखिलेश यादव की CM योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती!

अखिलेश यादव का दावा, भाजपा को अयोध्या से उम्मीदवार नहीं मिल रहा

अखिलेश यादव अयोध्या में भागवत कथा में शामिल हुए और योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी
अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव, भागवत कथा में शामिल होकर योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

डिजिटल डेस्क, अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार, 8 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचे। उनका यह दौरा पूर्व मंत्री और अयोध्या के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ से जुड़ा था। अखिलेश यादव ने कथा में शामिल होकर धार्मिक प्रवचन सुना और कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित भी किया।

आठ दिवसीय भागवत कथा के अंतिम दिन पहुंचे अखिलेश

अखिलेश यादव का कार्यक्रम अयोध्या के कृष्णापुर खानपुर रसूलाबाद गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन हुआ। पवन पांडेय की ओर से आयोजित यह आठ दिवसीय कथा थी। अखिलेश यादव के पहुंचने के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान अखिलेश यादव ने धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया और अपने संबोधन में भागवत कथा के संदेश का भी उल्लेख किया।

भागवत कथा के संदेश से प्रेम, इंसानियत और समानता की बात

अखिलेश यादव ने कहा कि भागवत कथा इंसान को सत्ता, जाति, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसे बंधनों से मुक्त होने का संदेश देती है। उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण का जिक्र करते हुए प्रेम और इंसानियत की बात कही। उन्होंने भगवान कृष्ण और सुदामा के संबंध का उदाहरण देते हुए सामाजिक समानता और भाईचारे का संदेश दिया। अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने संविधान का भी जिक्र किया और कहा कि समाज में प्रेम और संविधान को बचाना जरूरी है।

अयोध्या पहुंचे अखिलेश, लेकिन रामलला के दर्शन का कार्यक्रम नहीं

अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर में रामलला के दर्शन का कार्यक्रम शामिल नहीं था। उनका मौजूदा कार्यक्रम मुख्य रूप से भागवत कथा में शामिल होने तक सीमित रहा। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया है कि अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन से कोई आपत्ति नहीं है और नवंबर में अयोध्या आने के दौरान राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन करने की संभावना है।

रामलला के दर्शन नहीं करने पर भाजपा ने उठाए सवाल

अखिलेश यादव के राम मंदिर नहीं जाने को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनके अयोध्या दौरे और रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर सवाल उठाए। भाजपा की ओर से अखिलेश यादव के इस दौरे को राजनीतिक नजरिए से भी देखा गया।

योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती

इसी अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपा और मुख्यमंत्री को अयोध्या में अपनी स्थिति पर भरोसा है तो मुख्यमंत्री को खुद यहां से चुनाव लड़कर देखना चाहिए।

अखिलेश का दावा, भाजपा को अयोध्या से उम्मीदवार नहीं मिल रहा

अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहा है और इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि इस बार अयोध्या की जनता चुनाव में अपना फैसला सुनाएगी। उनके इस बयान के बाद अयोध्या का राजनीतिक माहौल एक बार फिर चर्चा में आ गया।

2027 चुनाव से पहले अयोध्या में बढ़ी राजनीतिक हलचल

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या पहले से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति का प्रमुख केंद्र रही है। ऐसे में अखिलेश यादव का धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना और उसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देना राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।

धार्मिक दौरे से राजनीतिक चर्चा तक पहुंचा अयोध्या दौरा

हालांकि अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे का घोषित उद्देश्य श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होना था, लेकिन उनके संबोधन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई चुनौती ने दौरे को राजनीतिक चर्चा से भी जोड़ दिया। अब इस बयान पर भाजपा की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और आने वाले समय में अयोध्या की राजनीति किस दिशा में जाती है, इस पर नजर रहेगी।

आगे की तस्वीर

अखिलेश यादव का 8 अक्टूबर का अयोध्या दौरा धार्मिक आयोजन से शुरू होकर राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंचा। भागवत कथा में शामिल होने के साथ उन्होंने प्रेम, इंसानियत और संविधान की बात की, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सियासत के केंद्र में दिखाई दे रही है। (Amar Bharti)

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