आजम खान थे, आजम खान हैं और आजम खान रहेंगे… जेल में मुलाकात के बाद बोले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव!

‘इतना अन्याय किसी राजनीतिक परिवार के साथ नहीं हुआ होगा’- अखिलेश यादव

डिजिटल डेस्क, रामपुर। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने आजम खान और उनके परिवार के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा उठाया और कहा कि इतना अन्याय किसी राजनीतिक परिवार के साथ नहीं हुआ होगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी फर्जी मुकदमे दर्ज कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने आजम खान के विश्वविद्यालय के सपने को पूरा करने का भी भरोसा दिया।

आजम खान से मुलाकात के बाद क्या बोले अखिलेश यादव?

जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने बताया कि दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि सच्चाई कभी न कभी सामने आएगी और तब संबंधित लोगों को समाज, देश और कानून के सामने जवाब देना होगा।

अखिलेश ने रामपुर की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “रामपुर की भावना को मार दिया गया। यहां राम राज्य की भावना को मारा जा रहा है।” आजम खान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह सामाजिक न्याय की दिशा में काम कर रहे हैं।

सपा अध्यक्ष ने आजम खान के राजनीतिक अस्तित्व पर जोर देते हुए कहा, “आजम थे, आजम हैं, आजम रहेंगे।” इसके बाद उन्होंने उनके परिवार के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा उठाया।

‘इतना अन्याय किसी राजनीतिक परिवार के साथ नहीं हुआ होगा’

अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान के परिवार ने जितना अन्याय झेला है, वैसा किसी दूसरे परिवार या राजनीतिक परिवार के साथ नहीं हुआ होगा। उन्होंने इसके लिए कथित तौर पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।

अखिलेश ने यह भी दावा किया कि अब ऐसे अधिकारी भी आजम खान का साथ छोड़ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में इस दावे के संबंध में कोई विशिष्ट उदाहरण नहीं दिया।

आजम खान लंबे समय से समाजवादी पार्टी की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। रामपुर में उनसे मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने उनके प्रति समर्थन जताया और उनके साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए।

आजम खान के विश्वविद्यालय का सपना पूरा करने का वादा

मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खान के विश्वविद्यालय से जुड़े सपने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस सपने को पूरा करेगी।

इस बयान में अखिलेश ने आजम खान के साथ राजनीतिक समर्थन के साथ-साथ उनके शैक्षिक प्रयास से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। हालांकि, विश्वविद्यालय के सपने को पूरा करने के लिए पार्टी की ओर से किसी विस्तृत योजना या समयसीमा की जानकारी इस बयान में नहीं दी गई।

2027 के चुनाव को लेकर अखिलेश यादव का क्या है लक्ष्य?

आजम खान से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना है और कार्यकर्ता इसके लिए काम करने को तैयार हैं।

अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा नेताओं को इस बार अपनी हार का अंदेशा है। उन्होंने 2024 के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का जोर PDA, सामाजिक न्याय और सच्चाई पर रहेगा।

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। सपा अध्यक्ष ने अपने बयान में भाजपा को सत्ता से हटाने को पार्टी का प्रमुख लक्ष्य बताया।

आजम खान के समर्थन से लेकर भाजपा को हराने तक, अखिलेश का संदेश

रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने उनके परिवार के साथ कथित अन्याय, भ्रष्ट अधिकारियों और विश्वविद्यालय के सपने जैसे मुद्दे उठाए। इसके साथ ही उन्होंने 2027 के चुनाव के लिए PDA, सामाजिक न्याय और सच्चाई को अपनी पार्टी की प्राथमिकता बताया। आजम खान के मामले में लगाए गए आरोप अखिलेश यादव के बयान पर आधारित हैं; इस संबंध में सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। (Amar Bharti)

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