आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के 4 सैंपल में ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा

WHO की RF.5 पर नजर, सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी मिले मामले

आंध्र प्रदेश में चार कोविड-19 सैंपल में ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट का पता चला
आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में चार कोविड-19 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट का पता चला।

डिजिटल डेस्क, अमरावती। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के चार पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट का पता चला है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग ने कडप्पा जिले में सामने आए कोविड-19 मामलों के चार सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित एक लैब में भेजे थे। जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद इन सैंपल में ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट की पुष्टि हुई।

हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि RF.5 वैरिएंट ओमिक्रॉन के अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से केवल सावधानी बरतने की अपील की है।

1. आंध्र प्रदेश में 4 कोविड-19 सैंपल में मिला ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट

आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव के अनुसार, राज्य में कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए चार सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने कडप्पा जिले में सामने आए कोविड-19 मामलों के चार सैंपल जांच के लिए पुणे की एक लैब में भेजे थे।

जीनोम सीक्वेंसिंग की प्रक्रिया के बाद इन चारों सैंपल में ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट का पता चला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस वैरिएंट को लेकर निगरानी और जांच प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है।

2. RF.5 ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक सब-लीनिएज

RF.5 कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक सब-लीनिएज यानी उप-वंश है। यह दुनिया भर में पहचाने गए कई ओमिक्रॉन सब-लीनिएज में से एक है।

मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर विष्णुवर्धन ने बताया कि सार्स-कोव-2 की नियमित जीनोमिक निगरानी के तहत RF.5 वैरिएंट पर नजर रखी जा रही थी।

अधिकारियों के अनुसार, कोरोना वायरस के अलग-अलग वैरिएंट और उनके सब-लीनिएज की जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए निगरानी की जाती है, ताकि वायरस में होने वाले आनुवंशिक बदलावों का पता लगाया जा सके।

3. WHO भी RF.5 वैरिएंट पर रख रहा है नजर

विश्व स्वास्थ्य संगठन भी RF.5 स्ट्रेन की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस वैरिएंट के मामले सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में अधिक संख्या में सामने आए हैं।

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि RF.5 ओमिक्रॉन के अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस खबर को लेकर घबराएं नहीं, लेकिन कोविड-19 से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां जरूर बरतें।

4. स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर विष्णुवर्धन ने कहा कि RF.5 को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह वैरिएंट सार्स-कोव-2 की नियमित जीनोमिक निगरानी के दायरे में है।

अधिकारियों का कहना है कि वायरस के नए वैरिएंट सामने आना जीनोमिक निगरानी की प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल RF.5 को लेकर ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर या खतरनाक है।

5. RF.5 वैरिएंट कैसे विकसित हुआ?

अधिकारियों के मुताबिक, RF.5 सार्स-कोव-2 के ओमिक्रॉन वैरिएंट की एक प्राकृतिक रूप से विकसित सब-लीनिएज है।

यह वैरिएंट जेएन.1 वैरिएंट से एलएफ.7 और पीवाइ.1.1.1 शाखाओं के जरिए निकला है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि RF.5 कोई रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट नहीं है। इसका मतलब है कि यह दो अलग-अलग वायरस स्ट्रेन के आनुवंशिक पदार्थों के आपस में मिलकर बनने वाला वैरिएंट नहीं है।

6. रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट क्या होता है?

रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट उस स्थिति में बनता है, जब किसी वायरस के दो अलग-अलग स्ट्रेन एक ही कोशिका को संक्रमित करते हैं।

जब ये दोनों वायरस अपनी प्रतिकृति बनाते हैं, तो इस प्रक्रिया के दौरान उनके आनुवंशिक पदार्थों का आपस में आदान-प्रदान हो सकता है। इससे एक नया वायरस या नया आनुवंशिक संयोजन पैदा हो सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, RF.5 इस तरह का रीकॉम्बिनेंट वैरिएंट नहीं है।

7. लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

आंध्र प्रदेश में ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट का पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सावधानी बरतें।

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, RF.5 को लेकर अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह ओमिक्रॉन के अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक खतरनाक है। इसके बावजूद कोविड-19 से बचाव के लिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करना जरूरी है।

जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद ओमिक्रॉन

आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से सामने आए चार कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग के बाद ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट का पता चला है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, RF.5 ओमिक्रॉन का एक सब-लीनिएज है और विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत स्वास्थ्य एजेंसियां इसकी निगरानी कर रही हैं। फिलहाल RF.5 को अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट से अधिक खतरनाक बताने वाला कोई संकेत नहीं मिला है। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। (Amar Bharti)

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