चंदौली गांजा तस्करी मामला: लोहे के एंगल और मसालों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था 1.25 करोड़ का गांजा

चंदौली गांजा तस्करी मामले में पुलिस और एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई

चंदौली गांजा तस्करी मामले में पुलिस द्वारा बरामद गांजे की खेप, ट्रक और गिरफ्तार तस्करों की सांकेतिक तस्वीर।
चंदौली गांजा तस्करी मामले में मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ ने 501.380 किलोग्राम गांजा बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया।

रिपोर्ट: प्रवेश सिंह, वाराणसी

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में चंदौली गांजा तस्करी मामला सामने आने के बाद पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ वाराणसी की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 501.380 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये बताई जा रही है।

इस कार्रवाई के दौरान बिहार के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक ट्रक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ वाराणसी को सूचना मिली कि एक ट्रक के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा पूर्वांचल क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने कटरिया अंडरपास स्थित पराग डेयरी के पास घेराबंदी कर दी। संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में ट्रक में वैध सामान दिखाई दिया, लेकिन पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं, जिसके बाद वाहन की गहन तलाशी ली गई।

चंदौली गांजा तस्करी मामले में पुलिस द्वारा बरामद गांजे की खेप, ट्रक और गिरफ्तार तस्करों की सांकेतिक तस्वीर।
चंदौली गांजा तस्करी मामले में मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ ने 501.380 किलोग्राम गांजा बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया।

लोहे के एंगल और मसालों की आड़ में छिपाई गई थी खेप

जांच के दौरान ट्रक में लोहे के एंगल और मसालों से भरे बोरे मिले। पहली नजर में ट्रक पूरी तरह वैध माल से लदा हुआ दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

सामान के बीच विशेष तरीके से छिपाकर रखी गई 20 बोरियां बरामद की गईं। जब इन बोरियों की तलाशी ली गई तो उनमें गांजा भरा मिला। वजन कराने पर कुल 501.380 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार तस्करों ने बेहद शातिराना तरीके से गांजे को छिपाया था ताकि सामान्य जांच में इसकी पहचान न हो सके। हालांकि संयुक्त टीम की सतर्कता के चलते तस्करों की पूरी योजना विफल हो गई।

बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार

चंदौली गांजा तस्करी मामले में पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनकी पहचान बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले तस्करों के रूप में हुई है।

गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

पूछताछ में हुए कई अहम खुलासे

गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपितों ने बताया कि वे उड़ीसा के बौध जिले से गांजा खरीदकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करते थे।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गांजे की खेप को वैध सामान के बीच छिपाकर ट्रकों के माध्यम से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर सक्रिय छोटे तस्करों और नशे के कारोबारियों को यह माल ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए लंबे समय से अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।

पहले भी कई बार पहुंचा चुके हैं गांजे की खेप

पूछताछ के दौरान आरोपितों ने यह भी स्वीकार किया कि यह उनका पहला अपराध नहीं था। वे पहले भी कई बार इसी तरीके से गांजे की बड़ी खेप विभिन्न जिलों और राज्यों तक पहुंचा चुके हैं।

इस बार बरामद की गई खेप को वाराणसी, चंदौली और आसपास के जिलों में सप्लाई करने की तैयारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पहले कितनी खेप भेजी जा चुकी है और उससे जुड़े लोग कौन-कौन हैं।

अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल दो तस्करों तक सीमित नहीं है। जांच में संकेत मिले हैं कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है।

बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उड़ीसा, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

पुलिस अब सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, स्थानीय एजेंट और खरीदारों की पहचान करने में लगी हुई है।

युवाओं को नशे से बचाने की बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चिंता का विषय भी है।

ऐसे अवैध कारोबार के कारण युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आता है और समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन लगातार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

चंदौली में हुई यह कार्रवाई भी नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

चंदौली गांजा तस्करी मामले में थाना मुगलसराय में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और इसमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

संयुक्त कार्रवाई से मिली कामयाबी

चंदौली गांजा तस्करी मामला उत्तर प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है। मुगलसराय पुलिस और एसटीएफ वाराणसी की संयुक्त कार्रवाई में 501.380 किलोग्राम गांजा बरामद होना इस बात का संकेत है कि तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। (Amar Bharti)

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