LAC पर PLA की तैनाती घटी, भारत-चीन रिश्तों में नरमी के संकेत, मोदी-शी की बैठक से बढ़ी उम्मीद

LAC पर PLA की तैनाती में कमी आई है। मोदी-शी की बैठक के बीच जानिए भारत-चीन सीमा तनाव और रिश्तों में सुधार के संकेत।

LAC पर PLA की तैनाती में कमी के बीच पीएम मोदी और शी जिनपिंग की अहम बैठक
LAC पर PLA की तैनाती में कमी के बीच पीएम मोदी और शी जिनपिंग की अहम बैठक

नई दिल्ली/अमर भारती। भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय से चले आ रहे सीमा तनाव के बीच अब कुछ सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC के सामने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। मंत्रालय के अनुसार, उत्तरी सीमाओं के सामने LAC से जुड़े क्षेत्रों और पारंपरिक ट्रेनिंग एरिया में कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की 10 टुकड़ियां तैनात रहीं।

LAC पर भारतीय सेना की तैनाती मजबूत

रक्षा मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि PLA की तैनाती में कमी के बावजूद भारतीय सेना ने उत्तरी सीमा के सभी सेक्टरों में अपनी मजबूत और पर्याप्त तैनाती बनाए रखी। सेना किसी भी अचानक पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए तैयार रही।

यानी LAC पर PLA की तैनाती में कमी को भारत की सैन्य सतर्कता में कमी के तौर पर नहीं देखा जा सकता। भारत ने सीमा पर अपनी स्थिति मजबूत रखते हुए चीन के साथ सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर संवाद जारी रखा है।

भारत-चीन संबंधों में बढ़ा संवाद

PLA की तैनाती में कमी ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य संपर्क दोबारा सक्रिय हुए हैं। सीमा विवाद के बाद दोनों देशों ने बातचीत के कई पुराने तंत्रों को फिर से आगे बढ़ाया। वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन यानी WMCC की बैठकों के अलावा सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों के स्तर पर भी बातचीत फिर शुरू हुई। बॉर्डर पर्सनल मीटिंग्स यानी BPM के जरिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच संपर्क भी जारी रहा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए इन बैठकों का माहौल सौहार्दपूर्ण और दोस्ताना रहा। इससे LAC पर स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली।

मोदी-शी की 50 मिनट से ज्यादा चली बैठक

भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेतों के बीच 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। यह बैठक BRICS Summit से इतर हुई और 50 मिनट से अधिक चली। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। LAC पर दोनों देशों के बीच शांति की पैगाम दिया गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों को आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के आगे विकास के लिए जरूरी है।

सीमा विवाद के साथ व्यापार पर भी फोकस

बैठक में सिर्फ LAC विवाद ही नहीं, बल्कि व्यापार और आर्थिक संबंधों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार असंतुलन, सप्लाई चेन और बाजार तक बेहतर एवं पूर्वानुमेय पहुंच जैसे मुद्दों पर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही लोगों के बीच संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कारोबारी संबंध और आवागमन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

चीन की ओर से शी जिनपिंग ने भारत-चीन संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने की बात कही। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग और साझा विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने चीन और भारत को साझेदार के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा की।

क्या LAC पर तनाव का दौर खत्म हो रहा है?

PLA की तैनाती में कमी और मोदी-शी की लगातार बढ़ती बातचीत निश्चित तौर पर भारत-चीन संबंधों में स्थिरता के संकेत देती है। हालांकि, सीमा विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की बुनियादी शर्त है। ऐसे में LAC पर PLA की तैनाती में कमी और उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को एक सकारात्मक घटनाक्रम माना जा सकता है, लेकिन सीमा विवाद के स्थायी समाधान के लिए आगे भी लगातार सैन्य और कूटनीतिक बातचीत जरूरी होगी। (amar bharti)

यहां भी पढ़ें-

BRICS Summit 2026: आज से शुरू शिखर सम्मेलन, 50 से ज्यादा ठोस नतीजों पर नजर

BRICS Business Forum में PM मोदी का बड़ा संदेश, 10 ट्रेड बैरियर हटाने पर जोर

3 thoughts on “LAC पर PLA की तैनाती घटी, भारत-चीन रिश्तों में नरमी के संकेत, मोदी-शी की बैठक से बढ़ी उम्मीद”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *