करणी सेना की यूजीसी रेगुलेशंस-2026 वापस लेने की मांग, सरकार को अल्टीमेटम

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में यूजीसी रेगुलेशंस-2026 को वापस लेने और सवर्ण समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर निकाली गई श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की रैली के बाद विवाद बढ़ गया है। प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत के बाद संगठन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच का इंतजार किया जा रहा है।
जयपुर करणी सेना रैली में कार्यकर्ता की मौत को लेकर विवाद
जयपुर करणी सेना रैली के दौरान मृतक कार्यकर्ता की पहचान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा निवासी देवराज सिंह के रूप में हुई है। करणी सेना का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए गए वाटर कैनन की तेज बौछार देवराज सिंह के सीने पर लगी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
संगठन के अनुसार, घायल होने के बाद देवराज सिंह को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वहीं प्रशासन का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
करणी सेना ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर पुलिस कार्रवाई पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए पुलिस की कार्रवाई जिम्मेदार है।

महिपाल सिंह मकराना ने सरकार से मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
रैली के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
सोमवार को जयपुर में रावण गेट से कलेक्ट्रेट सर्किल तक निकाली गई रैली में राजस्थान समेत कई राज्यों से लोग शामिल हुए। पुलिस ने कालवाड़ पुलिया और चौमूं पुलिया सहित कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने के बाद पुलिस और लोगों के बीच कई बार धक्का-मुक्की हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इस दौरान डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के साथ भी धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन वाहन तक पहुंचने की कोशिश की। वहीं रैली के दौरान जाम में फंसी एक एंबुलेंस को प्रदर्शनकारियों ने रास्ता देकर आगे निकलवाया।
यूजीसी रेगुलेशंस-2026 वापस लेने की मांग, सरकार को अल्टीमेटम
बारिश के बीच प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट सर्किल पहुंचे, जहां करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी रेगुलेशंस-2026 को वापस लेने और सवर्ण समाज से संबंधित विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
महिपाल सिंह मकराना ने सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो करणी सेना जयपुर जाम करेगी और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे राजस्थान में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मौत के कारणों की जांच जारी
देवराज सिंह की मौत के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि अभी मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना के बाद प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।
मौत को लेकर विवाद
जयपुर करणी सेना रैली के बाद कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत को लेकर विवाद बढ़ गया है। करणी सेना ने पुलिस कार्रवाई को जिम्मेदार बताते हुए मुआवजे और जांच की मांग की है, जबकि प्रशासन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होने की बात कही है। (Amar Bharti)
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