जाते मानसून ने देश के कई राज्यों में भारी Rain, लैंडस्लाइड और तेज हवाओं से हालात बिगाड़ दिए हैं। जानिए मौसम में अचानक बदलाव की वजह।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। सितंबर खत्म होने को है, लेकिन गर्मी और उमस से अभी राहत नहीं मिली है। कई इलाकों में लोग Rain का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि कहीं मूसलाधार बारिश आफत बन गई है, तो कहीं लैंडस्लाइड और बर्फबारी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वोत्तर तक भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। यूपी के कई जिलों में पिछले दो दिनों से लगातार या रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा में तेज बारिश और हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। दूसरी तरफ ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने ठंड का भी संकेत देना शुरू कर दिया है।
आज की इस पाठशाला में समझेंगे कि जाते मानसून के दौरान मौसम ने अचानक करवट क्यों ली और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का देश के अलग-अलग हिस्सों पर क्या असर पड़ा।
सिक्किम में लैंडस्लाइड से तबाही
सबसे पहले बात सिक्किम की। पश्चिमी सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में लगातार Rain के बाद लैंडस्लाइड हुई। पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया और मलबे के साथ बड़े पत्थर और पेड़ भी बहते हुए नीचे की ओर आए।
लैंडस्लाइड की चपेट में कई घर आ गए। पूरे इलाके में मलबा और कीचड़ फैल गया। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाके में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सिक्किम के उत्तरी हिस्से में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी देखने को मिली। यानी एक तरफ निचले इलाकों में भारी बारिश और दूसरी तरफ पहाड़ों पर बर्फबारी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया।
दार्जिलिंग में भी लैंडस्लाइड
सिक्किम के साथ पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भी भारी Rain के बाद लैंडस्लाइड की घटना सामने आई। मलबे की चपेट में आने से एक अस्पताल की छत को नुकसान पहुंचा और कई लोग मलबे में फंस गए।
लगातार बारिश वाले पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को संवेदनशील इलाकों से दूर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी
मौसम का असर उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दिया। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मुगल रोड के ऊंचाई वाले हिस्सों में सीजन की पहली बर्फबारी देखने को मिली।
सितंबर के आखिरी दिनों में बर्फबारी और Rain ने पहाड़ी इलाकों में मौसम को अचानक ठंडा कर दिया है। ऊंचे पहाड़ों पर सफेद चादर दिखाई देने लगी है और तापमान में भी बदलाव महसूस किया जा रहा है।
चक्रवात नहीं, डीप डिप्रेशन बना वजह
अब सवाल है कि आखिर मौसम ने अचानक इतनी बड़ी करवट क्यों ली? शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम को लेकर चक्रवात की चर्चा थी, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम चक्रवात में तब्दील नहीं हुआ। इसके बजाय बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
यही मौसम प्रणाली कई राज्यों में भारी Rain और तेज हवाओं की वजह बनी। बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़े इस सिस्टम का असर तटीय और मध्य भारत के कई हिस्सों में देखने को मिला।
यूपी में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से Rain का सिलसिला जारी है। पूर्वी यूपी के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भारी बारिश के साथ निचले इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ गया है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को सतर्क रहना पड़ रहा है।
लखनऊ समेत यूपी के कई हिस्सों में बारिश के बाद सड़कें पानी से भर गईं। ललितपुर में तेज बहाव के बीच एक टैंकर के पुल पर फंसने का वीडियो सामने आया। पानी के तेज बहाव के कारण टैंकर असंतुलित हुआ, लेकिन समय रहते चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया।
तेलंगाना और ओडिशा में भी तूफानी बारिश
तेलंगाना के बुर्गमपाडु इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी Rain हुई। कई जगहों पर तेज हवा से घरों और बाहर रखे सामान को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं।
ओडिशा में भी मौसम का असर देखने को मिला। चिल्का झील में तेज हवाओं के बीच मछली पकड़ने गई कुछ नावों के डूबने की जानकारी सामने आई। वहीं मल्कानगिरी में भारी बारिश के बाद कई जगहों पर पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि पुलों के ऊपर से पानी गुजरने लगा।
छत्तीसगढ़ में नदियां उफान पर
छत्तीसगढ़ में भी लगातार बारिश से हालात बिगड़े। धमतरी में भारी Rain के बाद गंगरेल बांध में पानी का दबाव बढ़ा। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेट खोले गए, जिसके बाद महानदी में पानी का बहाव बढ़ गया। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
जगदलपुर में लगातार बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के किनारे बने एक रिसॉर्ट में पानी घुसने के बाद वहां काम कर रहे मजदूर फंस गए। SDRF की टीम ने नाव की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। गरियाबंद में भी बारिश का पानी कई घरों में घुस गया। लोग अपने जरूरी सामान को पानी से बचाते दिखाई दिए।
झारखंड में सड़कें बनीं तालाब
झारखंड के कई इलाकों में भारी Rain के बाद निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कई सड़कें पानी में डूब गईं और नदियों का जलस्तर बढ़ गया। कई स्थानों पर पुलों के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। प्रशासन की ओर से लोगों को तेज बहाव वाले रास्तों और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई।
नेपाल तक पहुंचा बारिश का असर
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर भारत तक सीमित नहीं रहा। पड़ोसी नेपाल में भी भारी Rain से हालात प्रभावित हुए। काठमांडू में लगातार बारिश के बाद बागमती नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के आसपास के इलाकों में पानी का बहाव तेज हो गया। वहीं बारिश और लैंडस्लाइड के कारण काठमांडू को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाले कई मार्ग प्रभावित हुए। सड़कों के बंद होने से जरूरी सामान लेकर जा रहे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
दिल्ली-NCR को अब भी बारिश का इंतजार
देश के कई हिस्सों में भारी Rain, बाढ़ और लैंडस्लाइड से लोग परेशान हैं, वहीं दिल्ली-NCR में लोग उमस से राहत पाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यानी देश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही समय मौसम के अलग-अलग रंग दिखाई दे रहे हैं। कहीं बादल आफत बनकर बरस रहे हैं, कहीं पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गई है और कहीं लोग अब भी उमस से राहत के लिए आसमान की ओर देख रहे हैं।
जाते मानसून का यह पलटवार बताता है कि मानसून की विदाई के दौर में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवाओं, लैंडस्लाइड और जलभराव को लेकर स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। (amar bharti)
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