नीतीश कुमार ने बुलाई JDU बैठक, UCC पर क्या होगा रुख?

नीतीश कुमार JDU बैठक: UCC पर रुख अभी स्पष्ट नहीं, प्रावधानों का अध्ययन करने की बात

नीतीश कुमार JDU बैठक UCC पर चर्चा
UCC को लेकर नीतीश कुमार ने JDU नेताओं की बैठक बुलाई

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज इंडिया। यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने JDU के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है। बैठक में UCC को लेकर पार्टी के रुख पर चर्चा होने की संभावना है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक JDU ने फिलहाल कानून के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही अपना रुख तय करने की बात कही है।

UCC पर नीतीश कुमार ने बुलाई JDU नेताओं की बैठक

UCC को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के बाद NDA के भीतर भी चर्चा तेज हुई है। इसी बीच नीतीश कुमार ने JDU के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है। बैठक को बिहार में UCC को लेकर पार्टी की रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मूल खबर के अनुसार, बैठक में UCC के साथ फरक्का जल संधि पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। बैठक से पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने कहा था कि कानून के प्रावधानों को देखने और सभी आशंकाएं दूर होने के बाद पार्टी अपना रुख तय करेगी। ताजा रिपोर्टों में भी JDU ने UCC पर जल्दबाजी से बचने और प्रस्तावित कानून का अध्ययन करने की बात कही है।

अमित शाह ने UCC को लेकर क्या कहा?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को मुंबई में कहा था कि BJP-NDA के शासन वाले 21 राज्यों में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले UCC लागू किया जाएगा। शाह ने कहा कि कई राज्यों में UCC पहले ही पेश किया जा चुका है और बाकी राज्यों में भी इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

UCC पर अमित शाह का बयान और 2029 तक 21 राज्यों का लक्ष्य
अमित शाह ने 2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य बताया।

UCC का प्रस्ताव विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों के लिए समान कानूनी ढांचे से जुड़ा है। अमित शाह के बयान के बाद इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों और NDA के सहयोगी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

JDU का रुख अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं

UCC पर JDU के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विजय चौधरी ने कहा है कि पार्टी पहले कानून के प्रावधानों को देखेगी और अगर कोई आपत्तिजनक बात नहीं मिली तो बिना वजह इसका विरोध नहीं किया जाएगा। साथ ही, अगर किसी प्रावधान को लेकर चिंता होगी तो उसे केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा जाएगा।

JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा भी UCC को लेकर अमित शाह से चर्चा करने की बात कह चुके हैं। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी अंतिम रुख तय करने से पहले प्रस्तावित कानून और उसके प्रावधानों पर विचार करना चाहती है।

किन राज्यों में UCC को लेकर आगे बढ़ी प्रक्रिया?

UCC को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग स्थिति है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में UCC कानून लागू हो चुका है, जबकि असम, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत कुछ राज्यों में इसे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया हुई है। गोवा में भी UCC से जुड़ी व्यवस्था पहले से मौजूद है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में बिहार में JDU का रुख महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी NDA का हिस्सा है और राज्य में UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो चुकी है।

बिहार में UCC पर आगे क्या?

नीतीश कुमार की बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि JDU UCC के प्रस्तावित प्रावधानों को किस नजर से देखती है और बिहार के संदर्भ में पार्टी की क्या रणनीति होगी। फिलहाल पार्टी की ओर से कानून का अध्ययन करने और सहयोगी दलों से चर्चा के बाद निर्णय लेने का रुख सामने आया है। (Amar Bharti)

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