प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया योग का संदेश

नई दिल्ली। 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (International Yoga Day 2026) उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। भारत से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान और खाड़ी देशों तक करोड़ों लोगों ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और योग को मानवता के लिए भारत का अमूल्य उपहार बताया।
विश्व योग दिवस के अवसर पर देशभर में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, सेना, अर्धसैनिक बलों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष योग शिविरों का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया योग का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व योग दिवस (AYUSH) के मुख्य कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा तनाव और बीमारियों से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ भारत और स्वस्थ विश्व के निर्माण में योग की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के अधिकांश देशों में योग को अपनाया जा रहा है और यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।
दुनियाभर में दिखा योग का उत्साह
विश्व योग दिवस 2026 के अवसर पर दुनिया के कई देशों में भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक संगठनों की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, लंदन के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, पेरिस, दुबई, सिडनी और टोक्यो में हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के आसपास भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने योग के महत्व को समझते हुए इसमें भाग लिया। कई विदेशी नेताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी योग को आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने का प्रभावी माध्यम बताया।
भारत के राज्यों में आयोजित हुए भव्य कार्यक्रम
देश के लगभग सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में लाखों लोगों ने सामूहिक योग किया।
स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को योग के लाभ बताए गए, जबकि सरकारी विभागों और निजी संस्थानों ने भी कर्मचारियों के लिए विशेष योग सत्र आयोजित किए। कई स्थानों पर रिकॉर्ड संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
योग के स्वास्थ्य लाभों पर दिया गया जोर
विश्व योग दिवस के दौरान विशेषज्ञों ने योग के स्वास्थ्य लाभों पर विशेष प्रकाश डाला। चिकित्सकों और योगाचार्यों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता, उच्च रक्तचाप, मोटापा और कई अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि मानसिक संतुलन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देता है। कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया भर में लोगों की योग के प्रति रुचि और अधिक बढ़ी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी योग की लोकप्रियता
पिछले एक दशक में योग की वैश्विक लोकप्रियता में लगातार वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से हर वर्ष दुनिया के विभिन्न देशों में योग कार्यक्रमों का दायरा बढ़ता जा रहा है।
आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है। लाखों लोग योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं और इसे बेहतर जीवनशैली का आधार मान रहे हैं।
युवाओं और महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
इस वर्ष योग दिवस कार्यक्रमों में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सोशल मीडिया पर भी योग से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और संदेश बड़ी संख्या में साझा किए गए। फिटनेस और वेलनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता ने युवाओं को योग की ओर आकर्षित किया है।
महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में योग शिविरों में भाग लेकर स्वस्थ जीवन और मानसिक सशक्तिकरण का संदेश दिया। कई स्वयंसेवी संगठनों ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग सत्र आयोजित किए।
योग: भारत की वैश्विक पहचान
योग आज भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का सबसे प्रभावशाली वैश्विक प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में कहा कि योग ने दुनिया को जोड़ने का कार्य किया है और यह शांति, स्वास्थ्य तथा मानव कल्याण का माध्यम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योग की बढ़ती स्वीकार्यता भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के प्रति बढ़ते आकर्षण ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को नई पहचान दी है।
योग का संदेश
विश्व योग दिवस 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा शुरू की गई यह पहल आज वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। दुनिया भर में करोड़ों लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि योग मानवता को स्वस्थ, शांत और सकारात्मक भविष्य की ओर ले जाने की क्षमता रखता है। (amarbharti)
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