पवन सिंह को मुंगेर में आई अक्षरा सिंह की याद, पुरानी जोड़ी पर चर्चा तेज

क्या फिर साथ आ सकते हैं पवन सिंह और अक्षरा सिंह?

मुंगेर कार्यक्रम के बाद चर्चा में पवन सिंह और अक्षरा सिंह की पुरानी जोड़ी
मुंगेर के कार्यक्रम में पवन सिंह की बातों के बाद अक्षरा सिंह के साथ उनकी पुरानी जोड़ी पर चर्चा।

डिजिटल डेस्क, मुंगेर। कुछ लोगों अभिमानी लगने वाले पवार स्टार पवन सिंह झूमने, गाने और दिल से दिल की बात कहने के लिए बड़े मशहूर रहे हैं और बिहार के मुंगेर में भी ऐसा हुआ। मुंगेर में नवरात्रि के दौरान हुए एक कार्यक्रम के दौरान पवन सिंह ने अक्षरा की पुरानी मोहब्बत को दिल से याद किया और दर्शकों से रिश्तों में दूरियों के लिए माफी माँगी।

साथ ही ये पूछ भी लिया कि क्या वो फिर से अक्षरा के साथ उनकी जोड़ी को साथ देखना चाहते हैं जाहिर तौर पर इस मामले में दर्शकों का उत्साह नजर आया। दर्द में डूबे नायक का ये कबूलनामा है और इस कबूलनामे के वक्त वह नशे में नहीं बल्कि अक्षरा के लिए अपने प्रेम के नशे में नजर आ रहे थे। पवन सिंह ने उनके लिए ‘बेटा’ और ‘बाबू ‘संबोधन का इस्तेमाल किया।

इसमें भ्रम जैसा कुछ भी नहीं है। दिल से जुड़े जोड़े एक दूसरे के लिए इस तरह का संबोधन एक दूसरे के देते है। यह अब आम बात है। हां हैरत इस बात पर होनी चाहिए कि आखिरकार पवन ने अक्षरा के पिता को भइया और उनकी माँ की भाभी कह दिया।

पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी रही है लोकप्रिय

भोजपुरी फिल्मों की यह जोड़ी एक साथ रहकर काफी हिट मानी जाती थी और अलग अलग रहकर भी बेहतर काम ही कर रही है लेकिन पवन सिंह की या अक्षरा की वैसी जोड़ी किसी के साथ नहीं बन पाई। इस बीच अक्षरा पवन के प्रतिद्वंद्वी कलाकार खेसारी लाल के साथ काम करती हुई दिखीं। कई और कलाकारों के साथ काम किया। पवन को निशाने पर लेते हुए एक हिट एल्बम भी निकाला।

अक्षरा अब भी अपने करियर में आत्मविश्वास के गीत गा रही हैं और नए नए एल्बम के साथ खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है। पवन सिंह के साथ भी कुछ चेहरे यदा कदा नजर आए और एक रियलिटी शो में पवन सिंह के साथ निरहुआ की सह कलाकार आम्रपाली दूबे भी नजर आईं। उन्होंने पवन सिंह के सामने शादी और मां बनने की इच्छा भी जाहिर की लेकिन यह साफ नहीं हुआ कि वह सम्मानित कलाकार मानने वाली पवन सिंह को ही अपने लाइफ पार्टनर के तौर पर देखना चाहती हैं या किसी और को।

अदालत में पवन से लड़ाई लड़ रही पवन की पत्नी ज्योति सिंह का चुनावी साथ, प्यार और नफरत सब कुछ दर्शकों को देखने को मिलता रहा । बिहार से यूपी तक खूब तमाशा भी हुआ लेकिन रिश्तों में दूरियां बनी रहीं।

पवन सिंह और ज्योति सिंह के रिश्ते में भी बनी हुई हैं दूरियां

चार साल से पति पत्नी विवाद और अक्षरा के साथ हुए विवाद से टूट चुके पवन सिंह को न तो खुदा ही मिला न विशाल ए सनम की तर्ज पर न तो ज्योति का प्यार मिला न ही अक्षरा का। ज्योति उनकी पत्नी हैं और अक्षरा जो पत्नी बनने का ख्वाब लिए हुए उनकी जिंदगी से दूर कर दी गईं। पवन बतौर कलाकार फिल्म और गीतों के जरिए अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते रहे। काराकट से चुनाव लड़े हारे, बीजेपी में आकर बिहार में चुनाव प्रचार किया सीटें जितवाईं और उसका इनाम पाकर एमलसी बनें।

अक्षरा सिंह के संघर्ष और आगे बढ़ने की कहानी

उधर अक्षरा अपनी कला के साथ जन सुराज के जरिए राजनीतिक माहौल का भी हिस्सा बनी। पवन से दूर रहकर भी गतिशील रहना अक्षरा के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी और टूटी हुई अक्षरा को फिर से जोड़ना उनके माता पिता की बड़ी जिम्मेदारी थी।

सबकुछ सकारात्मक और आशाओं से भरा रहा लेकिन जाहिर तौर जो खालीपन अक्षरा के मन में हो सकता है वह सिर्फ उन्हें ही नजर आता होगा और कभी कभार समझने वालों को। हमेशा खुश रहने की कोशिश के पीछे पारखी लोग ही अक्षरा के आंसू देख पाते थे।

क्या फिर साथ आ सकते हैं पवन सिंह और अक्षरा सिंह?

कला और कामकाज के हिसाब से लखनऊ में रहकर बिहार की राजनीति में अपनी जगह बनाने के साथ विवाद और विरोध के बावजूद प्रशंसकों के प्रेम की बदौलत भाेजपुरी समुदाय में अपनी पैठ बनाए रखने का पवन सिंह का सिलसिला जारी है लेकिन एक कलाकार जब भावनाओं में बहता है तो पुरानी यादें उसे अक्सर कचोटने लगती हैं। वह या तो नशे को अपना सहारा बनाता या फिर अपनी यादों को।

मुंगेर कार्यक्रम के बाद चर्चा में पवन सिंह और अक्षरा सिंह की पुरानी जोड़ी
मुंगेर के कार्यक्रम में पवन सिंह की बातों के बाद अक्षरा सिंह के साथ उनकी पुरानी जोड़ी पर चर्चा।

हालांकि असल सवाल यह है क्या ये जोड़ी एक बार फिर एक साथ नज़र आएगी या फिर दूरियां यूं ही बनी रहेंगी?

पुरानी यादों से फिर चर्चा में आई पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी

मुंगेर में पवन सिंह ने जो बोला वो ठहरे हुए पानी में कंकड़ मारने जैसा था। इसकी भोजपुरी इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि बॉलीवुड में भी गूंज सुनाई पड़ेगी। मुमकिन है कि जल्द ही कोई प्रोड्यूसर डायरेक्टर दोनों को साथ लाने की कोशिश करे और कामयाब भी हो जाए। दूर जाती हुई ज्योति सिंह की जगह अगर चालीस साल के पवन सिंह के जीवन मे तैंतीस साल अक्षरा जगह बना लेती हैं तो यह न सिर्फ दोनों के लिए उम्मीदों से भरा होगा बल्कि उनके चाहने वालों को भी इससे खुशी होगी। (Amar Bharti)

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