रेलवे टिकट जुर्माना कराएगा जेब ढीली: भारतीय रेलवे ने बदले नियम

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों पर सख्ती बढ़ाते हुए बड़ा फैसला लिया है। रेलवे टिकट जुर्माना 500 रुपये करने का नया नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 में संशोधन किया गया है, जिसके बाद बिना वैध टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से अधिक जुर्माना भरना होगा।
रेल मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य टिकटलेस यात्रा पर रोक लगाना, रेलवे के राजस्व की सुरक्षा करना और यात्रियों में नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। (PIB)
नया नियम क्या कहता है?
नए प्रावधानों के अनुसार यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट, पास या अमान्य टिकट के साथ यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे यात्रा की दूरी के अनुसार पूरा किराया चुकाना होगा। इसके अलावा न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क (Excess Charge) के रूप में रेलवे टिकट जुर्माना 500 रुपये देना होगा।
यदि यात्री का बोर्डिंग स्टेशन स्पष्ट नहीं होता है, तो रेलवे प्रशासन ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन या अंतिम टिकट जांच बिंदु से किराया और जुर्माना वसूल सकता है।
पहले कितना था जुर्माना?
अब तक बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये था। नए संशोधन के बाद यह राशि बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है। यानी अब यात्रियों को रेलवे टिकट जुर्माना पहले के मुकाबले दोगुना जुर्माना भरना पड़ सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव टिकटलेस यात्रा को हतोत्साहित करने के लिए किया गया है।
किन मामलों में लागू होगा रेलवे टिकट जुर्माना 500 रुपये?
नया नियम निम्न परिस्थितियों में लागू होगा:
जुर्माना नहीं भरने पर क्या होगी कार्रवाई?
- बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना।
- अमान्य या एक्सपायर टिकट का उपयोग करना।
- किसी अन्य व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करना।
- निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा करना।
- पहले इस्तेमाल किए गए टिकट या पास का दोबारा उपयोग करना।
ये सभी मामले रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 के अंतर्गत आते हैं।
यदि कोई यात्री रेलवे टिकट जुर्माना और किराया देने से इनकार करता है, तो रेलवे प्रशासन सक्षम न्यायालय में मामला दर्ज करा सकता है।
ऐसे मामलों में अदालत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल, अतिरिक्त जुर्माना या दोनों सजा एक साथ दे सकती है। इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले वैध टिकट खरीदने की सलाह दी गई है।
जन विश्वास अधिनियम 2026 का क्या है महत्व?
जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम, 2026 का उद्देश्य छोटे उल्लंघनों को आपराधिक मामलों की बजाय आर्थिक दंड के जरिए नियंत्रित करना है।
सरकार का मानना है कि इससे अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम होगा और रेलवे प्रशासन को नियम लागू करने में आसानी होगी। रेल मंत्रालय ने 19 जून 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी।
अन्य नियमों में भी बढ़ी सख्ती
केवल रेलवे टिकट जुर्माना 500 रुपये ही नहीं, बल्कि कई अन्य रेलवे नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।
महिलाओं के कोच में अनधिकृत प्रवेश
महिलाओं के आरक्षित डिब्बे में अनधिकृत प्रवेश करने पर 2500 रुपये तक का रेलवे टिकट जुर्माना लगाया जा सकता है।
धूम्रपान और शराब सेवन
ट्रेन या रेलवे परिसर में धूम्रपान, शराब पीना या हंगामा करने पर 1000 से 2000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रतिबंधित सामान ले जाना
प्रतिबंधित या खतरनाक सामान ले जाने पर 10,000 रुपये या उससे अधिक का रेलवे टिकट जुर्माना लगाया जा सकता है।
टिकटलेस यात्रा से रेलवे को कितना नुकसान?
भारतीय रेलवे हर वर्ष टिकटलेस यात्रियों से करोड़ों रुपये की वसूली करता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में केवल सेंट्रल रेलवे जोन ने लगभग 4.96 लाख रेलवे टिकट जुर्माना यात्रियों से 40.85 करोड़ रुपये वसूले थे।
रेलवे का कहना है कि बिना टिकट यात्रा न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाती है बल्कि वैध टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधाओं को भी प्रभावित करती है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे ने यात्रियों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- यात्रा से पहले वैध टिकट अवश्य खरीदें।
- IRCTC ऐप या वेबसाइट से बुक किए गए ई-टिकट को सुरक्षित रखें।
- प्लेटफॉर्म टिकट लेकर ट्रेन में यात्रा न करें।
- यात्रा संबंधी किसी भी बदलाव की स्थिति में टिकट अपडेट कराएं।
- टिकट जांच के दौरान TTE और रेलवे कर्मचारियों का सहयोग करें।
बिना टिकट सफर पर रोक
रेलवे टिकट जुर्माना 500 रुपये का नया नियम भारतीय रेलवे में अनुशासन बढ़ाने और टिकटलेस यात्रा पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इस नियम के बाद यात्रियों के लिए वैध टिकट लेकर यात्रा करना और भी जरूरी हो जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यात्रा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी। (Amar Bharti)
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