वक्ताओं ने समाज में फैली कुरीतियों और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए

डिजिटल डेस्क, एक्सपोज इण्डिया। यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट का दसवां सम्मान समारोह 25 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित रॉयल होटल में आयोजित किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना और ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। समारोह में शिक्षाविदों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के समारोह में सामाजिक न्याय पर चर्चा
यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के इस आयोजन में सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने जातिगत जनगणना, ओबीसी आरक्षण के क्रियान्वयन और सरकारी भर्तियों में आरक्षण से संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखी।

यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने समाज में फैली कुरीतियों और शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए। समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखे।
सूरज मंडल ने आरक्षण के मुद्दे पर सरकार का विरोध करने की बात कही
यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सूरज मंडल ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखी। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, वह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी.पी. मंडल और मंडल आयोग के अध्यक्ष के प्रपौत्र हैं।
सूरज मंडल ने कहा कि आरक्षण के साथ खिलवाड़ करने वाली सरकार का पुरजोर विरोध किया जाएगा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
नीरज यादव ने गांधीवादी आदर्श अपनाने पर दिया जोर
केंद्रीय समाज समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज यादव कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट को समारोह के लिए बधाई दी और समाज में फैली कुरीतियों पर विशेष जोर दिया।
नीरज यादव ने कहा कि गांधीवादी आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए। उनके संबोधन में सामाजिक सुधार और आदर्शों को अपनाने का विषय प्रमुख रहा।
जातिगत जनगणना और शिक्षा व्यवस्था पर वक्ताओं ने रखे विचार
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संदीप यादव ने जातिगत जनगणना से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने देश-विदेश में जाति से जुड़ी समस्याओं पर भी जोर दिया।
प्रोफेसर रतनलाल ने शिक्षण संस्थानों को एक विचारधारा में परिवर्तित करने की कोशिशों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रारंभिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनकी शिक्षा में अलग-अलग लोगों ने मदद की थी।
यश भारतीय ने ओबीसी आरक्षण में हो रही अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों की ओर से सरकारी भर्तियों में आरक्षण को पूरी तरह लागू नहीं किया जा रहा है।
जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम को लेकर मयंक यादव ने उठाए सवाल
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मयंक यादव ने जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं होने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

कार्यक्रम में आरक्षण और जातिगत जनगणना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने अपने संबोधनों में सामाजिक न्याय और आरक्षण से संबंधित विषयों को प्रमुखता दी।
विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी और सदस्य हुए शामिल
समारोह में ट्रस्ट के पदाधिकारी, सदस्य और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोग उपस्थित रहे। प्रेस विज्ञप्ति में शामिल प्रमुख नामों में ओम प्रकाश, पूर्व एयरफोर्स अधिकारी; धीरेन्द्र प्रताप यादव, सुभाष यादव, प्रवीण यादव, दीपक यादव, सौरभ यादव, सूरज यादव, उत्तमचंद यादव, नवल किशोर, अनुज यादव, अश्विनी यादव, मनीष यादव, प्रेमचंद यादव और पंकज यादव शामिल हैं।

इसके अलावा तेलंगाना से निर्मल यादव, बिहार से सुधीर यादव, कमलेश्वर राय और पंकज यादव, झारखंड से सुनील यादव और शेखर बाबू, उत्तराखंड से प्रेमसिंह यादव तथा मध्य प्रदेश से राम अवतार यादव और शशिभूषण यादव के शामिल होने का उल्लेख है। हरियाणा से डॉ. सुभाष यादव और शशांक यादव समेत अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
मंच संचालन सुरेश यादव की देखरेख में अरुण यादव और संदीप कुमार यादव ने किया।
सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे रहे समारोह के केंद्र में
यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के दसवें सम्मान समारोह में सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना, ओबीसी आरक्षण, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक कुरीतियों जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए आरक्षण के क्रियान्वयन और जातिगत जनगणना से जुड़े सवाल उठाए। (Amar Bharti)
एक नज़र इन पर भी डालें
वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो, गरजे राफेल और सुखोई
राहुल गांधी की रैली पर कारोबारियों का अलर्ट! 1 नवंबर की रैली टालने की मांग