प. बंगाल के बाद अब यूपी की सियासत में हलचल, सपा के साथ भी होगा ‘खेला‘ या रूकेगा BJP का ‘विजयरथ‘

लखनऊ। देश के पांच राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हो गए, जिनमें भारतीय जनता पार्टी ने तीन राज्यों में जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति का संकेत दिया है। वहीं इंडिया गठबंधन को इन चुनावों में एक भी राज्य में सफलता नहीं मिल सकी। तमिलनाडु में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई, जबकि पश्चिम बंगाल में विपक्ष को सबसे बड़ा झटका लगा, जहां ममता बनर्जी की सरकार का अंत हो गया। ममता बनर्जी पिछले 15 वर्षों से मुख्यमंत्री पद पर काबिज थीं, लेकिन इस बार उन्हें बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा।
‘AI पंडित’ और भविष्यवाणी का जिक्र
लखनऊ में बुधवार को पत्रकारवार्ता के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने एक “AI पंडित” और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बड़े ज्योतिषी और जानकार ऋषि-मुनि उनके संपर्क में आए हैं, जो लोगों का मन पढ़ने की क्षमता रखते हैं। इस बात पर वहां मौजूद लोगों ने ठहाके भी लगाए। अखिलेश यादव के अनुसार, उस पंडित ने बिना देखे उनके रजिस्टर में लिखी बातों को सही-सही बता दिया। उन्होंने रजिस्टर में केवल दो बातें लिखी थीं—सपा की सरकार बनवाना और उत्तर प्रदेश को खुशहाली के रास्ते पर ले जाना।
यूपी चुनाव 2027 को लेकर सपा अलर्ट
इन चुनाव परिणामों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति भी तेज हो गई है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अलर्ट मोड में आ गए हैं। बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने 2012 के चुनावी फार्मूले को दोहराने की बात कही और उसी रणनीति के आधार पर 2027 में सरकार बनाने का दावा किया।
2012 की तरह 2027 में भी जीत का दावा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया कि जिस तरह 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी, उसी तरह 2027 में भी वह सत्ता में वापसी करेंगे। उन्होंने कहा कि वह उस पंडित की हर बात मानेंगे और उसी रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे। अखिलेश ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी आगामी चुनाव में जीत दर्ज कर प्रदेश में सरकार बनाएगी।