आपसी व्यापार बढ़ाने, स्थानीय मुद्रा में लेन-देन और निवेश के नए अवसर तलाशने पर रहा जोर

नई दिल्ली: BRICS देशों की अहम शिखर बैठक आज आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई। इस बैठक में Brazil, Russia, India, China और South Africa समेत सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक और राजनीतिक हालात पर गहन चर्चा की गई।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर फोकस
बैठक के दौरान सदस्य देशों ने आपसी व्यापार बढ़ाने, स्थानीय मुद्रा में लेन-देन को बढ़ावा देने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच सदस्य देशों ने मजबूत आर्थिक सहयोग की जरूरत बताई।
सुरक्षा और वैश्विक तनाव पर चर्चा
बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया तनाव, ऊर्जा संकट और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदस्य देशों ने शांति और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही।
भारत ने रखी अपनी बात
India ने बैठक के दौरान तकनीकी सहयोग, सप्लाई चेन मजबूत करने और विकासशील देशों के हितों की रक्षा पर जोर दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक दक्षिण की आवाज मजबूत करने की बात भी रखी।
संयुक्त बयान जारी
बैठक के समापन पर सदस्य देशों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए भविष्य में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। कई आर्थिक और रणनीतिक प्रस्तावों पर सहमति बनने की बात भी सामने आई है।
क्यों अहम है यह बैठक?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में BRICS एक मजबूत आर्थिक और कूटनीतिक मंच बनकर उभर रहा है। ऐसे में इस बैठक के फैसलों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।