2 पैन कार्ड मामले में 2025 से जेल में हैं आज़म ख़ान, भूमिका जांच के दायरे में, कोर्ट ने सुनाई थी 7 वर्ष की सज़ा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में हुई सजा के खिलाफ दोनों की याचिकाएं खारिज करते हुए दोनो की सजा को बरकरार रखा है। ऐसे में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम दोनों को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है।
बता दें कि यह मामला वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी नेता आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। आरोप है कि सपा नेता अब्दुल्लाह आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे। इस प्रकरण में पूर्व मंत्री आजम खान की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। बता दें आजम खान नवंबर 2025 से जेल में बंद हैं। उन्हें पैन कार्ड मामले में ही अदालत ने सात वर्ष की सजा सुनाई थी। सपा नेता आजम खान सितंबर 2025 में ही जेल से रिहा हुए थे हालांकि 55 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को अदालत के फैसले के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा।
कोर्ट ने याचिका की खारिज
अब्दुल्लाह आजम के दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम की सजा के खिलाफ दायर अपील पर आज रामपुर की सेशन कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में दोनो की याचिका को निरस्त कराते हुए सजा को बरकरार रखा है।
वहीं इससे पूर्व एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुनाते हुए आजम खान और अब्दुल्लाह आजम को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह दोनों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी, साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था।
एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद 25 नवंबर 2025 को दोनों की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। फिलहाल पूर्व मंत्री और सपा नेता आजम खान और अब्दुल्लाह आजम दोनों ही रामपुर की जिला जेल में निरुद्ध है।