संजय सिंह का बड़ा हमला: राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों की सदस्यता खत्म होनी चाहिए!

10वीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन लॉ) का हवाला दिया, राज्यसभा चेयरमैन को लिखा सदस्यता रद्द करने के लिए ख़त

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 25 अप्रैल 2026 को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल समेत भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन सांसदों का कदम पूरी तरह असंवैधानिक, गैरकानूनी और संसदीय नियमों के खिलाफ है।

संजय सिंह ने घोषणा की कि वह उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर इन 7 सांसदों (राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत साहनी और राजिंदर गुप्ता) की सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे। उन्होंने 10वीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन लॉ) का हवाला देते हुए कहा कि न तो दलबदल विरोधी कानून और न ही संविधान की 10वीं अनुसूची राज्यसभा या लोकसभा में किसी भी प्रकार के स्प्लिट, ब्रेकअवे फ्रैक्शन या दो-तिहाई बहुमत को कानूनी मान्यता देती है। इसलिए इन सांसदों का भाजपा में जाना मूल पार्टी से स्वेच्छा से सदस्यता त्याग माना जाएगा और वे अयोग्य ठहराए जाने चाहिए।

संजय सिंह ने खासतौर पर राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल का नाम लेकर कहा कि उन्होंने भाजपा ऑफिस जाकर पार्टी छोड़ी है, जबकि बाकी चार पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। संजय सिंह ने इन 7 सांसदों को देशद्रोही बताते हुए कहा कि पंजाब की जनता इनके नाम कभी नहीं भूलेगी और इनके खिलाफ सड़कों पर विरोध हो रहा है।

उन्होंने साफ कहा — “मैं माननीय उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति को पत्र लिख रहा हूँ जिसमें इन सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी।” यह पत्र राज्यसभा चेयरमैन को भेज दिया गया है और अब इन 7 सांसदों की सदस्यता बनी रहती है या खत्म होती है, यह फैसला राज्यसभा सभापति करेंगे।

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