13 मई को बिजलीकर्मी काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध- प्रदर्शन

25 वर्षों के लिए विभाग के निजिकरण के फैसले को लेकर असंतोष, 19 मई 2023 के मामले वापस लेने की भी मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ऐलान कि आगामी 13 मई को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों एवं ताप बिजलीघरों के बिजली कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा कार्यालय समय के उपरांत व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि पश्चिमांचल और दक्षिणांचल के विभिन्न जनपदों में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाने के बाद अब संघर्ष समिति की टीम मध्यांचल के जनपदों का दौरा कर रही है। विभिन्न परियोजनाओं एवं विद्युत इकाइयों में आयोजित सभाओं में बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि पनकी ताप बिजलीघर तथा जवाहरपुर ताप बिजलीघर के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को सौंपे जाने के निर्णय से बिजली कर्मियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। संघर्ष समिति ने ऊर्जा निगम प्रबंधन को नोटिस देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो 13 मई का विरोध प्रदर्शन और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा।

आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं को नहीं होगी कठिनाई

संघर्ष समिति ने कहा कि एक ओर पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल लगातार यह बयान दे रहे हैं कि बिजली कर्मी गर्मियों में विद्युत वितरण व्यवस्था पर पूरा ध्यान दें और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न होने दें, वहीं दूसरी ओर बिजली कर्मियों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां की जा रही हैं। संघर्ष समिति का स्पष्ट मत है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना बिजली कर्मियों की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से निजीकरण के विरोध में खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान उपभोक्ताओं को कोई कठिनाई नहीं होने दी गई है।

दमनात्मक कार्यवाहियों हों समाप्त

समिति ने बताया कि आंदोलन के दौरान भी सभी बिजली कर्मियों को लगातार निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं एवं किसानों की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता पर समाधान किया जाए। यदि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन वास्तव में उपभोक्ताओं के हितों को लेकर गंभीर है तो बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई अनावश्यक एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अपनी भूमिका निभा सकें।

संघर्ष समिति ने कहा कि अभी भी समय है कि स्थिति को और बिगड़ने से पहले पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ऊर्जा मंत्री द्वारा 19 मार्च 2023 को दिए गए निर्देशों के अनुरूप सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयाँ वापस ले तथा निजीकरण विरोधी आंदोलन के कारण की गई दमनात्मक कार्यवाहियों को समाप्त करें।

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