दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, भारी पुलिस बल तैनात

, 13 अप्रैल 2026: गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्र नोएडा फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स), सेक्टर-60, 62 और आसपास के इलाकों में हजारों फैक्ट्री मजदूरों का वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन सोमवार सुबह हिंसक रूप ले गया। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी, पत्थरबाजी की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भारी पुलिस बल तैनात करने पड़ा।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से संवाद जारी रखने की अपील की है। श्रमिकों की जायज मांगें और उम्मीद का संदेश
हिंसा, आर्थिक नुकसान और चिंता
शांतिपूर्ण शुरू हुए प्रदर्शन का हिंसक रूप लेना क्षेत्र की औद्योगिक छवि के लिए चिंताजनक है। फेज-2 के होजियरी कॉम्प्लेक्स और सेक्टर-62 में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वैन समेत निजी और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया, एक कार में आग लगा दी और सड़कों पर पत्थरबाजी की। इससे एनएच-9, चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी फ्लाईओवर और आसपास के कई रास्तों पर 6-6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ऑफिस जाने वाले हजारों लोग घंटों फंस गए और दिल्ली-एनसीआर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ रिपोर्ट्स में फैक्टरियों के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की भी खबर है। प्रशासन का कहना है कि यह हिंसा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भड़काई गई, जिससे न केवल संपत्ति का भारी नुकसान हुआ बल्कि क्षेत्र की लेबर-फ्रेंडली इमेज भी प्रभावित हुई। कई कंपनियां उत्पादन रोकने को मजबूर हुईं, जिसका सीधा असर निर्यात और रोजगार पर पड़ सकता है।
यह आंदोलन पिछले तीन-चार दिनों से चल रहा था, लेकिन आज सुबह यह चरम पर पहुंच गया। गुरुग्राम (हरियाणा) से शुरू हुई चिंगारी अब नोएडा और फरीदाबाद तक फैल गई है।
मजदूरों की प्रमुख मांगें:
- न्यूनतम मासिक वेतन 20,000 रुपये तक बढ़ाया जाए
- 12 घंटे की शिफ्ट की जगह 8 घंटे की शिफ्ट
- ओवरटाइम का डबल भुगतान और समय पर सैलरी
- हर रविवार साप्ताहिक छुट्टी
- कार्यस्थल पर सुरक्षा, बोनस और उचित दस्तावेजीकरण
प्रशासन ने मजदूरों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का दावा किया है, लेकिन कुछ इलाकों में अभी भी तनाव बना हुआ है।