संसद मानसून सत्र 2026 में 12 बिल पारित, 11 बिना चर्चा के पास

मानसून सत्र की उपलब्धियों पर उठ रही उंगलियां, संसद चली या सिर्फ सियासत हुई? बड़ा सवाल

संसद मानसून सत्र 2026 के समापन
संसद मानसून सत्र 2026 समाप्त। 12 विधेयक पारित हुए, 11 बिना चर्चा के पास।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के साथ समाप्त हो गया। सत्र के समापन पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल सदन में सार्थक चर्चा और बहस से बचते रहे। उन्होंने कहा कि विधायी कामकाज के लिहाज से सत्र सफल रहा, लेकिन लगातार हंगामे के कारण बहस और चर्चा के स्तर पर यह सत्र निराशाजनक रहा।

संसद मानसून सत्र 2026 में 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान कुल 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। हालांकि, लगातार व्यवधानों के कारण दोनों सदनों की उत्पादकता प्रभावित हुई।

उनके अनुसार, आवंटित कुल समय के मुकाबले लोकसभा में केवल 19 प्रतिशत और राज्यसभा में 39 प्रतिशत कामकाज ही हो सका। रिजिजू ने कहा कि एनडीए के सांसदों के साथ-साथ कुछ विपक्षी सदस्यों ने भी चर्चाओं में हिस्सा लिया, लेकिन प्रमुख विपक्षी दलों ने बार-बार हंगामा किया और वाकआउट का रास्ता अपनाया।

11 विधेयक बिना बहस के पारित करने पड़े

किरण रिजिजू ने कहा कि लोकसभा में पारित 12 विधेयकों में से 11 को बिना किसी चर्चा के पारित करना पड़ा क्योंकि विपक्ष ने बहस में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने बताया कि पूरे सत्र के दौरान केवल लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा हुई।

यह कानून परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस के वाकआउट के बावजूद अन्य विपक्षी दलों ने इस विधेयक पर चर्चा में भाग लिया।

किरण रिजिजू का विपक्ष पर हमला

संसदीय कार्य मंत्री ने अपने संसदीय अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा विपक्ष देखा है जो चर्चा से पीछे हट रहा है। उनके मुताबिक, सामान्यतः विपक्ष सरकार से जवाब मांगता है और सरकार जवाब देने के लिए बाध्य होती है, लेकिन इस बार स्थिति उलट रही।

रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, जबकि विपक्ष विभिन्न कारणों का हवाला देकर बहस से दूर रहा। उन्होंने इसे संसदीय लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं बताया।

नए सांसदों के अवसर प्रभावित होने का दावा

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रिजिजू ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में तख्तियां लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी को ही प्राथमिकता दी। उन्होंने विशेष रूप से नए सांसदों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं के रवैये के कारण उन्हें संसदीय कार्यवाही सीखने और बहस में भाग लेने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी शीतकालीन सत्र में विपक्ष का रवैया अधिक सकारात्मक रहेगा।

मानसून सत्र के आखिरी दिन क्या हुआ?

नीट परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।

दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण गायन के साथ हुई। स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से राष्ट्रीय गीत के सम्मान में खड़े होने का आग्रह किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में मौजूद रहे। गीत के समापन के तुरंत बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा

सत्र के अंतिम दिन सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। 21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में कई बार कामकाज बाधित हुआ।

विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस बर्बरता और अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा था। विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की भी मांग की थी।

सत्र के दौरान अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम

बुधवार को संसद ने केरल का नाम बदलकर केरलम् करने वाले विधेयक और एनसीडीसी संशोधन विधेयक को मंजूरी दी। खबर के अनुसार, इस सत्र में संसद ने कम से कम 19 विधेयक पारित किए, जिनमें से सात विधेयक बिना चर्चा के केवल 36 मिनट में पारित हुए।

वहीं राज्यसभा में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुई शुद्धिकरण रस्म को लेकर भी हंगामा हुआ। खरगे ने इसके पीछे बीजेपी का हाथ होने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती और मामले की जांच कराएगी।

5 बड़ी बातें

  1. संसद का मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुआ।
  2. सत्र के दौरान 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए।
  3. 11 विधेयक बिना चर्चा के पारित होने का दावा किया गया।
  4. लोकसभा की उत्पादकता 19% और राज्यसभा की 39% रही।
  5. विपक्ष और सरकार के बीच नीट प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर गतिरोध बना रहा।

आगे की राह

संसद मानसून सत्र 2026 का समापन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और लगातार व्यवधानों के बीच हुआ। सरकार ने सत्र को विधायी दृष्टि से सफल बताया, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करता रहा। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए, लेकिन बहस और चर्चा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। (Amar Bharti)

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