वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई प्राण प्रतिष्ठा, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया मंदिर परिसर

बहराइच। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मिहीपुरवा कस्बे का प्रमुख आस्था केंद्र रामजानकी मंदिर रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया। यहां भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा वैदिक विधि-विधान के साथ स्थापित की गई। जैसे ही प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई, पूरा परिसर “जय परशुराम” के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम का आयोजन भगवान परशुराम सेवा समिति (रजिस्टर्ड) मिहीपुरवा के तत्वावधान में किया गया। मंदिर परिसर को फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था। वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजन, हवन और प्राण-प्रतिष्ठा की सभी धार्मिक रस्में पूरी की गईं।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिमा स्थापना का मुख्य उद्देश्य समाज में सनातन परंपराओं, धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनमानस ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद अक्षयबर लाल गोंड, भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेश पांडेय, पूर्व जिला महामंत्री जितेंद्र त्रिपाठी, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, मंडल अध्यक्ष राम सरोज पाठक समेत क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ब्राह्मण समाज, व्यापारी वर्ग, युवा और महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
आयोजन को सफल बनाने में समिति के पशुपतिनाथ दुबे, रमेश शुक्ला, प्रेमनाथ तिवारी, सदाशिव उपाध्याय, शिवकुमार शुक्ला, सोमवर्धन पांडेय, जनार्दन राय, ओमकार मिश्रा और गिरीश त्रिपाठी सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
मिहीपुरवा में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन ने न केवल आस्था का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता की भी मिसाल पेश की।