थलापति विजय ने राज्यपाल को सौंपा समर्थन-पत्र, बहुमत जुटाने के बाद ही बना पाएंगे सरकार

तमिलवाडु: टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने जबरदस्त जीत हासिल कर चौंकाया जरूर है लेकिन सरकार बनाने के लिए अभी उन्हे मशक्कत करनी पड़ सकती है. थलापति गुरूवार को दूसरी बार 113 विधायकों का शपथ पत्र लेकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने पहुंचे. गुरूवार को हुई इस मुलाकात नमें राज्यपाल ने सी जोसेफ विजय से कहा कि बहुमत जुटाने के बाद वह मुख्यमंत्री बन सकते हैं. टीवीके को बहुमत के लिए 118 विधायक चाहिए जबकि अभी उनकी पार्टी के पास 108 विधायक ही हैं. ऐसे में सरकार बनाने के लिए उन्हे अन्य दलों से समर्थन की जरूरत पड़ेगी। कांग्रेस के समर्थन से उनके पास 113 विधायक हो गए हैं.
विजय का कांग्रेस प्रेम
टीवीके ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अपनी आस्था प्रकट की थी और कांग्रेस ने समर्थन देने की हामी भी भर दी है हालांकि DMK ने इसका विरोध किया और कांग्रेस के इस समर्थन को पीठ में छुरा घोंपना करार दिया. यहां एक बात समझनी होगी कि कांग्रेस के इस कदम से उसके और DMK के रिश्ते बिगड़ सकते हैं लेकिन एमके स्टालिन के बयान ने गर्माहट कम की है. स्टालिन ने कहा कि वह छह महीने विजय को सरकार चलाते देखना चाहते हैं, उसके बाद समर्थन पर निर्णय करेंगे.
AIADMK में मंथन
एआईएडीएमके चुनाव में तीसरी नंबर की पार्टी रही है और उसने 47 सीटें हासिल की हैं लेकिन परेशानी तब खड़ी हो गई जब इस पार्टी के 35 विधायकों ने विजय को समर्थन देने के लिए सीवी षणमुगम से मुलाकात की. यानी दो तिहाई विधायकों ने टीवीके को समर्थन देने का फैसला करने का अनुरोध किया. ऐसे में अन्नाद्रमुक के दो फाड़ होने का खतरा बढ़ गया. आपको बता दें कि जयललिता के निधन के बाद पार्टी पहले ही कमज़ोर पड़ चुकी है, ऐसे में ताज़ा हालात ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) की मुश्किलें को बढ़ा दिया है. सीवी षणमुगम ने तमिलनाडु चुनाव में ‘मैलाम‘ सीट से जीत हासिल की है।
एआईएडीएमके की प्रतिक्रिया
AIADMK के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि TVK के साथ हाथ मिलाने का फैसला पार्टी का ‘हाईकमान’ करेगा, और उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी तरह की फूट की संभावना से साफ़ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि टीवीके ने किसी भी पार्टी को न्योता नहीं दिया है। अगर वे स्थिरता चाहते हैं, तो उन्हें खुद ही कोई फैसला लेना होगा लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि बैठकों का दौर लागातार जारी है.
समर्थन में कितना सामर्थ्य
DMK और कांग्रेस के बीच समर्थन को लेकर आगे की तस्वीर क्या होगी ये अभी कहना जल्दबाजी होगा लेकिन सबसे बड़ा दल TVK है और उसे सरकार बनाने के लिए समर्थन की आस बनी रहेगी. TVK को कांग्रेस (05), भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (02), सीपीआई (02) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (02) ने मिलकर समर्थन दे दिया है. ऐसे में अब TVK के पास संख्या 119 हो चुकी है जो कि बहुमत से ज्यादा है.
संख्या का गणित
TVK कांग्रेस सहित अन्य दलों का समर्थन हासिल भले ही कर लिया हो लेकिन बहुमत के आंकड़ें में पेंच अभी भी फंसा हुआ है. दरअसल TVK प्रमुख विजय अगर सरकार बना लेते हैं तो उन्हे एक विधानसभा अध्यक्ष चुनना होगा जिसे स्पीकर बनाया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो संविधान के मुताबिक स्पीकर वोट नहीं दे सकता, ऐसे में TVK का एक विधायक कम हो जाएगा और यह आंकड़ा घटकर 107 हो जाएगा.
विजय छोड़ेंगे अपनी सीट
इसके अलावा थलापति विजय ने दो सीटो से चुनाव लड़ा था जिनमें एक सीट तिरछी (तिरूचिरापल्ली ईस्ट) की है और दूसरी सीट पेराबुंर की. उन्हें पैरंबूर में 57,000 और तिरछी में 27,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल हुई है। ऐसे में विजय को एक सीट छोड़नी पड़ेगी. एक सीट छोड़ते ही उनके पास विधायकों की सख्या 106 हो जाएगी. अगर संख्या में एक भी और इधर-उधर हुआ या टूटा तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी… ऐसी स्थिति में हंग एसंबली की कहानी सामने आएगी. यानी कुल मिलाकर सरकार बनाने में अभी कई रोड़े हैं. तबतक जबतक डीएमके या एआईएडीएमके भी साथ नहीं आती. वहीं एआईएडीएमके में मंथन जारी है.
हैंग एसेंबली
अब दूसरा विकल्प अल्पमत सरकार बनाने को लेकर है. राज्यपाल TVK को आमंत्रित कर सकते हैं और इसके बाद टीवीके अन्य दलों के लोगों को आमंत्रित कर सरकार बनाने में सहयोग की मांग कर सकते हैं. हालांकि डीएमके और एआईएडीएमके की ओर से अभी ऐसे किसी गठबंधन के लिए कोई बात सामने नहीं आई है. हालांकि AIADMK के पूर्व मंत्री केपी मुनुस्वामी ने कहा है कि TVK को AIADMK का समर्थन मिलने की ख़बर झूठी है.
बुधवार को भंग हुई थी विधानसभा
बुधवार को राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तमिलनाडु की 16वीं विधानसभा को भंग कर दिया था, लोकभवन की ओर से यह जानकारी दी गई थी. राज्य की 234 विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को विधानसभा के चुनाव सम्पन्ने हुए थे जिसके परिणाम 4 मई को सामने आए. परिणामों में लोक भवन के मुताबिक राज्यपाल ने 5 मई 2026 से 16वीं तमिलनाडु विधानसभा को भंग कर दिया.
कांग्रेस- डीएमके के रिश्ते
कांग्रेस और डीएमके के रिश्ते कड़वाहट के बाद भी मज़बूत रहे. एमके स्टालिन ने पुरज़ोर तरीके से भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी का साथ दिया. ऐसे में क्या कांग्रेस स्टालिन को धोखा देने की कोशिश करेगी जबकि कांग्रेस के पास बहुत कम 5 सीटें ही हैं और वह बहुत अधिक मज़बूत स्थिति में नहीं है. फिलहाल कांग्रेस के पास एक ऐसा मौका ज़रूर है कि टीवीके साथ सत्ता में आकर वह अपनी स्थिति को मज़बूत करने का एक प्रयास कर सकती है लेकिन अगर उसे डीएमके को धोखा देकर यह हासिल करना पड़ता है तो उसके लिए तमिलनाडु में आगे की स्थिति काफी नाज़ुक हो सकती है. फिलहाल स्टालिन के बयान से स्थिति साफ है कि वह बाहर से बैठकर विजय के काम को देखेगी उसके बाद ही कोई निर्णय करेगी.
विधानसभा चुनाव परिणाम
तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव 2026 में राज्य की कुल 234 चुनाव हुए जिसमें TVK ने 108 सीटें हासिल कर सबको चौंका दिया. बहुमत के लिए उसे 118 सीटों की आवश्यकता है. DMK ने 59, AIADMK ने 47, कांग्रेस – 05, PMK – 04, IUML – 02, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी – 02, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी – 02 और वीसीके – 02 सीटें हासिल की हैं. इसके अलावा – BJP – 01, DMDK – 01 सीट प्राप्त हुई है.