पूर्व यूपी CM अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक का लखनऊ में निधन••••!

मौत की वजह फ़िलहाल साफ़ नहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ, शिवपाल यादव समेत कई लोगों ने दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का आज सबुह निधन हो गया। वह महज 38 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही परिवार और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके बड़े भाई अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए गहरा दुख जताया और कहा कि प्रतीक बचपन से ही स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर बेहद सजग थे।

दो महीने पहले हुई थी मुलाकात

मीडिया से बातचीत में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया कि उनकी लगभग दो महीने पहले प्रतीक यादव से मुलाकात हुई थी। उस दौरान उन्होंने प्रतीक को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने और कारोबार पर फोकस करने की सलाह दी थी। अखिलेश ने कहा कि कभी-कभी व्यापार में होने वाले नुकसान व्यक्ति को मानसिक रूप से बहुत प्रभावित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रतीक हमारे बीच नहीं हैं और परिवार कानून के अनुसार आगे की सभी प्रक्रियाओं का पालन करेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मैं उन्हें बचपन से जानता था। उनका जाना हम सभी के लिए बेहद दुखद है। वह जीवन में कुछ सार्थक करना चाहते थे और हमेशा फिटनेस को लेकर गंभीर रहते थे। परिवार जो भी निर्णय करेगा और कानून जो निर्देश देगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राजनीति से दूर रहते थे प्रतीक यादव

प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे। हालांकि यादव परिवार का हिस्सा होने के बावजूद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। उनका झुकाव फिटनेस और बिजनेस की ओर अधिक था। सोशल मीडिया पर भी वह अक्सर अपनी फिटनेस से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहते थे।

बीजेपी नेता हैं पत्नी अपर्णा यादव

प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय हैं। वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। अपर्णा यादव पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल हो गई थीं।

इसके अलावा प्रतीक यादव ‘जीव आश्रय’ संस्था के माध्यम से स्ट्रीट डॉग्स के इलाज, देखभाल और रेस्क्यू कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *