NEET पेपर लीक 2026: दोषियों को किस कानून के तहत मिलेगी सज़ा? जानें क्या कहता है नया कानून!

सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 में लागू हुआ, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए बना था कानून

नई दिल्ली: NEET परीक्षा 2026 के रद्द होने के बाद नैशनल टेस्टिंग एजेंसी पर सवाल खड़े होने लगे हैं. साथ ही सरकार को भी आड़े हाथों लिया गया है. इस मामले के बाद सियासी पारा भी हाई हो चुका है और लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. वहीं नाराज़ छात्रों का गुस्सा प्रदर्शन के रूप में सामने आया.

पेपर लीक के इस मामले के गर्माने के बाद इसके कानून को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं. दरअसल सार्वनिक परीक्षा कानून के तहत दी जाने वाली सज़ा का प्रावधान सिर्फ नीट तक सीमित नहीं है बल्कि जेईई, एसएससी, यीपीएससी और अन्य सभी केन्द्रीय परीक्षाओं के लिए भी यही कानून लागू होते हैं.

क्या कहता है सार्वनिक परीक्षा कानून ?

केन्द्र सरकार ने दो वर्ष पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली रोकने के लिए एक कानून बनाया था. फरवरी 2024 में यह अधिनियम पारित किया गया था और 21 जून 2024 से इसे सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के रूप में लागू किया गया था जिसका उद्देश्य अनुचित साधनों, पेपर लीक और ठगी जैसे मामलों पर रोक लगाना था।

NEET UG 2026 का पेपर लीक होने के साथ ही इस कानून पर एक बार फिर चर्चा गर्म है। इस कानून के तहत अनुचित संसाधन का इस्तेमाल करने पर कड़े दंड का प्रावधान है.

क्या हैं दंड के प्रावधान?

सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) नए कानून में दी जाने वाली सजा को मुख्य तौर पर चार भागों में बांटा गया है- व्यक्तिगत दोषियों की सजा, संगठित अपराध, सर्विस प्रोवाइडर एवं अन्य महत्वपूर्ण संसाधन का इस्तेमाल.

  • धांधली या पेपर लीक मामले में दोषी व्यक्ति को 3-5 वर्ष तक का कारावास हो सकती है, 10 लाख रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है या सज़ा या जुर्माना दोनों लगाया जा सकता है।
  • संगठित गिरोह के सदस्यों को 5-10 वर्ष तक का कारवास के अलावा कम से कम एक करोड़ का जुर्माना लग सकता है.
  • सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के दोषी पाए जाने पर 1 करोड़ का जुर्माना लग सकता है, साथ ही संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर अगले 4 वर्षों तक के लिए बैन किया जा सकता है.
  • सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से परीक्षा की पूरी लागत भी वसूली जाने का प्रावधान है.
  • दोषियों को पुलिस बिना वॉरण्ट गिरफ्तार कर सकती है. अपराध गंभीर पाए जाने पर संपत्ति कुर्क की जा सकती है.
  • संस्थान, बोर्ड या एजेंसी के अधिकारी के वारदात में शामिल पाए जाने पर उन्हें भी कड़ी सज़ा दिए जाने का प्रावधान है.

क्या बोले NTA  डीजी अभिषेक सिंह

NEET परीक्षा 2026 कैंसिल होने के बाद नैशनल टेस्टिंग एजेंसी के डीजी अभिषेक सिंह ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. CBI से दोषी व्यक्ति पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया जाएगा. दोषी चाहे संस्था के अंदर का हो या बाहर का उसे सज़ा जरूर मिलेगी. वहीं NTA का कहना है कि 7 से 10 दिन के अंदर वह नई एग्ज़ाम डेट जारी करेगा. हालांकि इस बार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि क्या गारंटी है कि फिर से पेपर लीक नहीं होगा. अब इस सवाल का जवाब तो सरकार और एनटीए को देना, पीड़ित अभ्यर्थियों को तो जवाब का इंतज़ार है, जो अभीतक उन्हें नहीं मिला है.

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