21 मई को घिरोर से मैनपुरी के लिए उपाध्याय श्री का विहार, उपवन मंदिर से निशुल्क बस रवाना

मैनपुरी। श्री महावीर जिनालय विसातखाना के तत्वाधान में एक अल्प प्रतिनिधि मंडल ने महामंत्री नरेश चंद्र जैन के नेतृत्व में श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, घिरोर पहुंचकर वहां विराजमान मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसंत सागर ससंघ से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने मैनपुरी प्रवास हेतु विनम्र निवेदन करते हुए श्रीफल अर्पित किया। प्रतिनिधि मंडल में महामंत्री नरेश चंद्र जैन के साथ उमेश चंद जैन एडवोकेट, आदेश जैन, संजय जैन संसारपुर, राजीव जैन कटरा, गौरव जैन पंजाबी कॉलोनी, रोमन जैन, खुशबू जैन, नेहा जैन तथा प्रवीन जैन बबलू सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे। सभी ने उपाध्याय श्री के समक्ष मैनपुरी जैन समाज की ओर से श्रद्धा एवं भक्ति भाव व्यक्त करते हुए मैनपुरी आगमन का आग्रह किया।
इस अवसर पर उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ने प्रतिनिधि मंडल के आग्रह को स्वीकार करते हुए मैनपुरी आगमन की अपनी स्वीकृति प्रदान की। 21 मई को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, घिरोर के शिलान्यास कार्यक्रम के उपरांत मैनपुरी के लिए उन्होने विहार किया। उपाध्याय श्री के मैनपुरी आगमन की सूचना मिलते ही जैन समाज में हर्ष और उत्साह का माहौल है। समाज के लोगों ने इसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर बताया है।
महामंत्री नरेश चंद्र जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि घिरोर में आयोजित होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने और उपाध्याय श्री को मैनपुरी प्रवास हेतु श्रीफल भेंट करने के लिए मैनपुरी जैन समाज की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसके उपवन मंदिर से एक निशुल्क बस भी रवाना की, जिससे श्रद्धालु घिरोर पहुंचकर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता कर सकें। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह अवसर धर्म लाभ प्राप्त करने और गुरुजनों का आशीर्वाद लेने का श्रेष्ठ माध्यम है।
जैन समाज के लोगों ने कहा कि उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी का मैनपुरी आगमन समाज के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उनके प्रवचनों और ध्यान साधना से लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक दिशा प्राप्त होती है। समाज के लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ की हैं। श्रद्धालुओं में उपाध्याय श्री के स्वागत को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है और समाज के विभिन्न वर्ग आयोजन को भव्य बनाने में जुटे हुए हैं।