NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

नई दिल्ली/अमर भारती। NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म को लेकर भी एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, कथित पेपर लीक दावों और फर्जी सामग्री के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं से बचें।
टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध की चर्चा क्यों?
रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत एक विशेष निर्देश जारी किया है। इसके तहत टेलीग्राम प्लेटफॉर्म की कुछ सेवाओं को सीमित अवधि के लिए नियंत्रित किए जाने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि यह अवधि NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा और उसके तुरंत बाद के समय को ध्यान में रखकर तय की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी को फैलने से रोका जा सके।
मैसेज एडिटिंग फीचर पर भी नजर
परीक्षा से जुड़ी जांचों में यह देखा गया है कि कुछ मामलों में पुराने संदेशों को संपादित करके उन्हें नए साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती है। इसी वजह से मैसेज एडिटिंग फीचर को लेकर भी अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि पुराने संदेशों में बदलाव कर मूल टाइमस्टैम्प बरकरार रखा जाए तो भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए ऐसे फीचर्स की निगरानी और नियंत्रण पर जोर दिया जा रहा है।
छात्रों से NTA की अपील
NTA ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी जानकारी पर आंख बंद करके विश्वास न करें। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी उसकी वेबसाइट और आधिकारिक संचार माध्यमों पर उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयारी पर ध्यान दें और किसी भी अफवाह या भ्रामक दावे से प्रभावित न हों।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना प्राथमिकता
परीक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से तकनीकी निगरानी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण और सूचना प्रबंधन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा से पहले अफवाहों और फर्जी दावों पर रोक लगाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी और लक्षित उपाय किए जा सकते हैं।
क्या करें छात्र?
अफवाहों के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें।
केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस पर भरोसा करें।
सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों की सत्यता जांचें।
किसी भी कथित पेपर लीक या फर्जी दावे को साझा न करें।
परीक्षा से संबंधित अपडेट नियमित रूप से NTA के आधिकारिक चैनलों से प्राप्त करें।
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