अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित SIT ने दूसरे दिन भी जांच जारी रखी। टीम ने दान पेटियों, नकदी गिनती प्रक्रिया, सीसीटीवी फुटेज और बैंक रिकॉर्ड की समीक्षा की।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने दूसरे दिन भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को करीब आठ घंटे तक मंदिर परिसर और राम मंदिर ट्रस्ट कार्यालय में विभिन्न प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया था, जिसके बाद मंगलवार को भी जांच आगे बढ़ाई गई। SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। टीम को आरोपों की विस्तृत जांच कर निर्धारित समय सीमा में सरकार को रिपोर्ट सौंपनी है।
दान पेटियों से बैंक तक की पूरी प्रक्रिया की जांच
जांच के पहले दिन अधिकारियों ने मंदिर परिसर में स्थापित लगभग 40 दान पेटियों का निरीक्षण किया। टीम ने यह समझने का प्रयास किया कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाता है और बाद में उसकी गिनती व बैंक में जमा करने की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है। अधिकारियों ने दान पेटियों को खोलने, नकदी को सुरक्षित रखने और उसे बैंक तक पहुंचाने की व्यवस्था का भी विस्तृत अध्ययन किया।
नकदी गिनती व्यवस्था पर विशेष फोकस
SIT का मुख्य फोकस उस हॉल पर रहा जहां दान पेटियों से प्राप्त नकदी की गिनती की जाती है। जांच टीम ने नकदी छंटाई, नोटों की गड्डियां तैयार करने, मशीनों से गिनती करने और रिकॉर्ड तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को समझा।
साथ ही, इस कार्य में लगे कर्मचारियों की उपस्थिति, प्रवेश और निकास रजिस्टर, सुरक्षा जांच व्यवस्था तथा पिछले एक वर्ष में नियुक्त और सेवा छोड़ चुके कर्मचारियों का विवरण भी खंगाला गया।
बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल
विशेष सचिव (वित्त) नील रतन ने चढ़ावे से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, खातों और बैंकिंग दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच टीम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि दान के रूप में प्राप्त धनराशि का रिकॉर्ड और बैंक में जमा राशि का विवरण आपस में मेल खाता है या नहीं। इस दौरान संबंधित बैंक अधिकारियों से भी आवश्यक जानकारी ली गई।
सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
SIT ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि चढ़ावे की सुरक्षा के लिए किस प्रकार की व्यवस्थाएं लागू हैं और उनमें कहीं कोई कमजोरी तो नहीं है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों से भी ली गई जानकारी
जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उनसे चढ़ावे के संग्रहण, गिनती और जमा प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। SIT विभिन्न दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी का मिलान कर रही है ताकि आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
15 दिन में सरकार को सौंपी जा सकती है रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, प्रक्रियागत कमियों और आवश्यक सिफारिशों का उल्लेख किया जाएगा। फिलहाल SIT की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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