सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी, कमेंट और जीत के जश्न के तरीके से भड़के वैभव सूर्यवंशी

श्रीलंका के दांबुला क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार (15 जून) को इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं रहा। मैच में उतार-चढ़ाव, अंपायरिंग को लेकर बहस, सुपर ओवर का रोमांच और आखिर में खिलाड़ियों के बीच तनाव देखने को मिला। अंततः श्रीलंका-ए ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की, लेकिन मुकाबले के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने ज्यादा सुर्खियां बटोर लीं।
शुरुआत से ही कांटे की टक्कर
दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच लगातार संघर्ष देखने को मिला। मैच आखिरी ओवरों तक रोमांचक बना रहा और कोई भी टीम स्पष्ट बढ़त नहीं बना सकी। इसी कारण मुकाबला टाई हो गया और फैसला सुपर ओवर से करना पड़ा।
सुपर ओवर से पहले बढ़ा तनाव
मैच के निर्णायक मोड़ पर इंडिया-ए के कप्तान तिलक वर्मा अंपायरों से बहस करते दिखाई दिए। पहले उन्होंने मैदान पर रोशनी की स्थिति को लेकर अपनी बात रखी और खेल जारी रखने की मांग की। इसके बाद सुपर ओवर के दौरान एक गेंद को नो-बॉल दिए जाने पर भी उन्होंने अंपायरों के फैसले पर नाराजगी जताई।
सुपर ओवर में श्रीलंका ने मारी बाजी
सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने दबाव को बेहतर तरीके से संभाला। जवाबी बल्लेबाजी के दौरान इंडिया-ए को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 8 रन की जरूरत थी। श्रीलंका-ए के गेंदबाज कुगाथास मथुलन ने सटीक यॉर्कर फेंकते हुए वैभव सूर्यवंशी को रन बनाने का मौका नहीं दिया और अपनी टीम को यादगार जीत दिला दी।
जीत के जश्न के बीच भड़के वैभव
जैसे ही श्रीलंका-ए की जीत तय हुई, खिलाड़ियों ने मैदान पर जोरदार जश्न मनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी किसी बात से नाराज नजर आए। विवाद की सटीक वजह सामने नहीं आई, लेकिन माना जा रहा है कि विरोधी खिलाड़ियों की किसी टिप्पणी या जश्न मनाने के तरीके को लेकर उन्हें आपत्ति थी।
मैदान पर हुई बहस और धक्का-मुक्की
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वैभव सूर्यवंशी और कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने बीच में आकर माहौल शांत कराने की कोशिश की और दोनों पक्षों को अलग किया।
हैंडशेक के दौरान भी नहीं थमा विवाद
मैच समाप्त होने के बाद जब दोनों टीमें औपचारिक रूप से हाथ मिला रही थीं, तब भी वैभव का गुस्सा कम नहीं हुआ था। उनके साथी खिलाड़ियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की और मैदान से बाहर ले गए। कमेंट्री बॉक्स में मौजूद विशेषज्ञों ने भी इस घटना पर निराशा जताई।
बल्ले से नहीं चला वैभव का जादू
मैदान पर आक्रामक रवैया दिखाने वाले वैभव सूर्यवंशी बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने 14 गेंदों पर 21 रन बनाए। टीम को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह उसे पूरा नहीं कर पाए।
पहले भी विवादों में आ चुके हैं वैभव
यह पहली बार नहीं है जब वैभव सूर्यवंशी मैदान पर किसी विरोधी खिलाड़ी से भिड़े हों। इससे पहले अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अली रजा के साथ भी उनकी बहस चर्चा में रही थी। ऐसे में दांबुला की यह घटना एक बार फिर युवा बल्लेबाज के आक्रामक स्वभाव को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।
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